October 7, 2026

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कोविड-19 के मद्देनजर स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्त केन्द्रों में टेलीमेडिसन सेवाएं शुरू

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जालंधर ब्रीज: कोविड-19 महामारी के मद्देनजर, पंजाब सरकार ने 300 एच.डब्ल्यू.सीज. (स्वास्थ्य और तंदुरुस्त केंद्र) में टेलीमेडिसन सेवाओं की शुरुआत की है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घरों तक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।


इस संबंधी विवरण देते हुए स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि सिविल हस्पताल, मोहाली में 4 मैडीकल अफसरों और 1 टेलीमेडिसन एग्जिक्युटिव के साथ एक ‘टेलीमेडिसन हब’ स्थापित किया गया है जिसके द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगले पड़ाव में राज्य भर में इसका मुल्यांकन करने के बाद मैडीकल अफसरों की संख्या में विस्तार किया जायेगा। राज्य में टेलीमेडिसन प्रोग्राम को सुचारू ढंग से चलाने के लिए ई-संजीवनी टेलीमेडिसन एप्लीकेशन का प्रयोग किया जा रहा है।


स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इस पहलकदमी के अंतर्गत, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में वीडियो काॅलिंग के जरिये हब के मैडीकल अधिकारियों से संपर्क करते हैं और फिर सीएचओ मैडीकल अधिकारी से ई-संजीवनी ऐप के द्वारा प्राप्त निर्देशों के मुताबिक मरीजों को दवाएँ देते हैं। इन केन्द्रों में बढ़िया सेवाएं देने के लिए 27 जरूरी दवाएँ और 6 डायग्नोस्टिक टैस्ट उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन केन्द्रों से लम्बी चलने वाली बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जरूरी दवाएँ मुहैया करवाई जा रही हैं ताकि लोगों को दवाएँ लेने के लिए लम्बी दूरी तय न करनी पड़े।


उन्होंने कहा कि इस संबंधी सिविल सर्जनों को हिदायतें जारी की गई हैं और उनको राज्य के मुख्य कार्यालय से इन्टरनेट डोंगल प्राप्त करने के लिए भी कहा गया है ताकि राज्यभर के सभी स्वास्थ्य एवं तंदरुस्त केन्द्रों में एसी सेवाएं प्रदान की जा सकें।


स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि अब राज्यभर में 2022 स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्त केन्द्र चालू कर दिए गए हैं और इन केन्द्रों में 1582 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पहले ही तैनात किये गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि गाँवों के नजदीक मानक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र निर्णायक साबित होंगे जिनके माध्यम से मूलभूत स्वास्थ्य सेवा टीमों द्वारा हाशिए पर जीवन बसर कर रहे लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है।


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