जालंधर ब्रीज: पंजाब सरकार लॉकडाउन के समय के दौरान स्कूल फीस की अदायगी के मामले में सिंगल जज के फ़ैसले के विरुद्ध इस हफ़्ते हाई कोर्ट में एल.पी.ए. दायर करेगी।
ऐडवोकेट जनरल अतुल नन्दा ने बताया कि मंत्रीमंडल की आज हुई मीटिंग के दौरान इस मसले पर अनौपचारिक रूप से चर्चा की गई जिसके बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस सम्बन्धी हफ़्ते के अंदर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एल.पी.ए. दायर करनी चाहिए।
हाई कोर्ट के सिंगल जज ने 30 जून को सुनाए अपने फ़ैसले में कहा था कि लॉकडाउन के समय के दौरान ऑनलाइन क्लासों की पेशकश किये बिना भी स्कूल ट्यूशन फीस लेने के हकदार हैं। अपने फ़ैसले में जस्टिस निर्मलजीत कौर ने कहा कि सभी स्कूल, चाहे उन्होंने लॉकडाउन के समय के दौरान ऑनलाइन क्लासों की पेशकश की या नहीं, ट्यूशन फीस लेने के हकदार हैं। हालाँकि अदालत ने कहा कि स्कूल ऑनलाइन /संचार के माध्यम के द्वारा पढ़ाई करवाने के प्रयास जारी रखेंगे जिससे महामारी के कारण मौजूदा और भविष्य में होने वाले लॉकडाउन के अमल के कारण शिक्षा पर बुरा प्रभाव न पड़े।
अदालत की तरफ से चाहे फ़ैसले के खि़लाफ़ 13 जुलाई से अपीलों पर सुनवाई की जानी है परन्तु पंजाब सरकार ने माता-पिता, अध्यापकों, स्टाफ के साथ-साथ स्कूल प्रशासन समेत सभी सम्बन्धित पक्षों के हित में डिवीजऩ बैंच द्वारा सुनवाई करने के लिए अदालत में जाने का फ़ैसला किया है।
मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि लॉकडाउन के समय के दौरान ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लासें न लगने पर वह माता-पिता से फीस वसूलने के हक में नहीं हैं।

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