जालंधर ब्रीज: भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने पंजाब में बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल को हुए नुकसान के मद्देनज़र केंद्र सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई को किसानों के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है और पिछले 11 वर्षों में देशभर के किसानों को पर्याप्त राहत और आर्थिक सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कैंथ ने कहा कि केंद्र सरकार का यह हस्तक्षेप सीधे तौर पर किसानों के हित में है और उन्हें महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 9 अप्रैल को प्राप्त अनुरोध पर तुरंत संज्ञान लिया और 10 अप्रैल को सभी जिलों में जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए टीमें भेजीं। 22 जिलों से 291 नमूनों के आधार पर तैयार रिपोर्ट के बाद भारतीय खाद्य निगम ने खरीद मानकों में ढील देने की सिफारिश की, जिसे केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने शीघ्र मंजूरी दे दी।
रबी विपणन सीजन 2026–27 के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं खरीद मानकों में महत्वपूर्ण छूट दी गई है। चमक कम होने की इजाज़त की अनुमेय सीमा बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दी गई है, जबकि क्षतिग्रस्त और टूटे हुए अनाज की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2,585 प्रति क्विंटल बिना किसी कटौती के यथावत रखा गया है।
कैंथ ने कहा कि इन निर्णयों से किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने से बचाव मिलेगा और गुणवत्ता में गिरावट के बावजूद एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित होगी। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा और मौजूदा सीजन में खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलेगी।
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, ढीले मानकों के तहत खरीदे गए खाद्यान्न को अलग से संग्रहित किया जाएगा और उसका पृथक लेखा-जोखा रखा जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी गिरावट की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी और ऐसे स्टॉक का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।
पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कैंथ ने कहा कि लगभग 1.30 लाख एकड़ फसल को नुकसान होने के बावजूद राज्य सरकार किसानों को समय पर राहत देने में विफल रही, जिससे मंडियों में खरीद एजेंसियों के बीच हिचकिचाहट पैदा हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से न केवल खरीद प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि किसानों को सीधे आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है।
उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य सरकार से जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने तथा किसानों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।

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