जालंधर ब्रीज: पंजाब सरकार द्वारा लाई गई विवादित लैंड पुलिंग स्कीम को लेकर महीनों से चल रहा विवाद आखिरकार किसानों और विपक्ष की जीत के साथ समाप्त हो गया है। इस योजना का पंजाब के किसानों और विपक्षी पार्टियों ने पुरजोर विरोध किया था, जिसे भारतीय जनता पार्टी की लीगल सेल ने भी संवैधानिक और कानूनी दृष्टि से त्रुटिपूर्ण बताया था।
एडवोकेट एन.के. वर्मा, संयोजक, बीजेपी लीगल सेल पंजाब ने कहा कि किसानों के अधिकारों और ज़मीन की सुरक्षा के लिए हर मंच पर लड़ाई लड़ी गई। “यह योजना किसानों की भूमि पर जबरन नियंत्रण का रास्ता खोल रही थी, जो संवैधानिक और नैतिक दोनों दृष्टियों से गलत था,” उन्होंने कहा।
विपक्ष, किसानों और विभिन्न संगठनों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इस योजना पर स्टे लगा दिया था। कानूनी दबाव और जनविरोध के चलते अंततः पंजाब सरकार को पीछे हटते हुए योजना को वापस लेना पड़ा।
एडवोकेट वर्मा ने इसे पंजाबियों की ऐतिहासिक जीत ओर आप पार्टी की करारी हार बताते हुए कहा कि बीजेपी लीगल सेल किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहेगी और भविष्य में भी किसी भी जनविरोधी नीति के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोलने से पीछे नहीं हटेगी।

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