पंजाब में सड़क और रेल यातायात रोकने का ऐलान करने वाले संगठनों को सख्त चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने कहा कि राज्य के विकास में बाधा डालकर आम लोगों को तंग-परेशान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आज यहां से जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करने के और भी बहुत सारे तरीके हैं, लेकिन सिर्फ यातायात में रुकावट डालकर राज्य के विकास को पटरी से उतारने की कार्रवाई को सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे धरने-प्रदर्शनों का खामियाजा पंजाब वासियों खासकर मेहनती लोगों को भुगतना पड़ता है जो रोजमर्रा के कामकाज करके कड़ी मेहनत से अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं।
उन्होंने कहा कि सड़कें बंद होने से कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मुश्किल पेश आती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गेहूं की खरीद चल रही है और फसल की ढुलाई के लिए रेल सेवा का बहाल रहना बहुत जरूरी है, जिसके कारण यातायात रोकने का फैसला राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाता है।
भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम लोगों को तंग-परेशान करने वाले और रोजाना के कामकाज में विघ्न डालने वाले कोई भी ऐलान, धरने-प्रदर्शन या हड़तालें पंजाब और पंजाबियों के विरुद्ध मानी जाएंगी। पंजाब की तरक्की और खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाइयों को अंजाम देने वालों को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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