जालंधर ब्रीज: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शहरी गरीबों को घर मुहैया करवाने के लिए अपनी वचनबद्धता प्रकट करते हुए स्थानीय सरकारों संबंधी विभाग को अपने प्रमुख प्रोग्राम ‘बसेरा’ के कार्यों में तेज़ी लाने के आदेश दिए हैं, जिससे सितम्बर, 2021 तक झुग्गी-झोंपड़ी वाले 1000 घरों को मालिकाना ह$क देने का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
वर्चुअल मीटिंग के दौरान स्थानीय सरकारों संबंधी विभाग के कामकाज का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रांतीय और केंद्रीय स्कीमों के अंतर्गत सभी बड़े प्रोजेक्टों में तेज़ी लाने के लिए कहा, जिससे इस साल दिसंबर तक इन प्रोजेक्टों को मुकम्मल करके कार्यशील बनाना यकीनी बनाया जा सके।
यह जि़क्र करते हुए कि ‘बसेरा’ स्कीम के अधीन 196 झुग्गियों की पहचान की जा चुकी है और 25,850 घरों का सर्वे किया गया है, मुख्यमंत्री ने अगले चार महीनों में 1000 घरों को मालिकाना ह$क देने के काम को तत्काल मुकम्मल करने के लिए कहा। उन्होंने विभाग को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए सभी 97,598 घरों को मुकम्मल करना यकीनी बनाने के लिए कहा।
अमरुत, स्मार्ट सिटी और कुछ अन्य स्कीमों के अंतर्गत अप्रयुक्त फंड का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित प्रोजैक्ट जल्द पूरा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जबकि नए स्वीकृत कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के लिए तत्काल कदम उठाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
बुड्ढा नाला स्कीम को राज्य के लिए मुख्य प्रोजैक्ट बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसको समय पर पूरा करने को यकीनी बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए विभाग को दिसंबर, 2021 तक इसे अलग-अलग पड़ावों में पूरा करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत साफ़-सफ़ाई और डोर-टू-डोर क्लैकशन के रूप में पंजाब को सर्वोच्च राज्यों में शुमार करने की महत्ता को प्रकट करते हुए विभाग को नहरी पानी पर अधारित प्रोजेक्टों में भी तेज़ी लाने के आदेश दिए।
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि म्युंनिसीपल प्रॉपर्टीज़ एक्ट के प्रबंधन और हस्तांतरण के कार्यान्वयन के लिए विभाग को विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लम्बे समय से चली आ रही राजनीतिक माँग रही है, जिसको पूरा करने के लिए उनकी सरकार वचनबद्ध है।
हुडको, यू.ई.आई.पी. (अलग-अलग पड़ाव) और फायर सर्विसिज़ कुछ अन्य प्रोजैक्ट हैं जिनको मुख्यमंत्री ने राज्य में शहरी बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्थानीय सरकारों संबंधी मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने इससे पहले मुख्यमंत्री को अलग-अलग प्रोजेक्टों की प्रगति से अवगत करवाया और इनके समय पर मुकम्मल होने का भरोसा दिया। स्थानीय सरकारों के प्रमुख सचिव अजोए कुमार सिन्हा ने राज्य में चल रही योजनाओं के बारे में विस्तृत पेशकारी दी।
सचिव स्थानीय सरकारें और सी.ई.ओ. पंजाब म्युनिसीपल बुनियादी ढांचा विकास निगम (पी.एम.आई.डी.सी.), अजोए शर्मा ने मीटिंग में बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान स्मार्ट सिटी मिशन, अमरुत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, हुडको, अर्बन मिशन और पंजाब शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम 1, 2 और 3 जैसी योजना पर 673.88 करोड़ रुपए का ख़र्च किया गया। उन्होंने बताया कि उपरोक्त स्कीमों पर 1092.27 करोड़ रुपए (2019-20) और 1307.99 करोड़ रुपए (2020-21) ख़र्च किए गए हैं। इसके अलावा 2021-22 के लिए अनुमानित ख़र्च 3602.5 करोड़ रुपए है।
मीटिंग में अन्यों के अलावा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्य सचिव विनी महाजन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और स्थानीय सरकारें विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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