जालंधर ब्रीज: पंजाब पुलिस ने विदेशी हैंडलर मनिन्दर बिल्ला और मनु अगवान द्वारा चलाए जा रहे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बी. के. आई.) आतंकवादी माड्यूल का पर्दाफाश करते हुये इसके तीन सदस्यों, जो पटियाला के बादशाहपुर और हरियाणा के अजीमगढ़ में पुलिस चौकियों पर ग्रेनेड हमलों में शामिल थे, को गिरफ़्तार किया है। यह जानकारी पुलिस डायरैक्टर जनरल (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने रविवार को यहाँ दी।
यह आपरेशन काउन्टर इंटेलिजेंस (सीआइ) पटियाला और स्टेट स्पैशल आपरेशन सैल (एसएसओसी), एस. ए. एस. नगर द्वारा सांझे तौर पर चलाया गया।
गिरफ़्तार किये गए व्यक्तियों की पहचान सन्दीप सिंह उर्फ दीपू निवासी बादशाहपुर (पटियाला), हरप्रीत सिंह उर्फ जग्गा निवासी हरचन्दपुरा(पटियाला) और हरमनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत निवासी गुरदियालपुरा (पटियाला) के तौर पर हुई है।
गौरतलब है कि 1 अप्रैल, 2025 को पटियाला के पुलिस चौकी बादशाहपुर और 6 अप्रैल, 2025 को हरियाणा की पुलिस चौकी अजीमगढ़ पर ग्रेनेड हमले हुए थे। इन घटनाओं के बाद, बी. के. आई. के गुर्गों- हैपी पासिया, मनु अगवान और गोपी नवांशहरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के द्वारा इन आतंकवादी कार्यवाहियों की ज़िम्मेदारी ली थी।
डीजीपी ने कहा, ‘‘इस मॉड्यूल को सफलतापूर्वक नष्ट करके पंजाब पुलिस ने राज्य में पुलिस अदारों पर हुए ग्रेनेड हमलों की दोनों घटनाओं की गुत्थी को सुलझा लिया है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि दोनों हैंडलर आतंकवादी हरविन्दर सिंह रिन्दा के निर्देशों पर काम कर रहे थे।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि मॉड्यूल को लॉजिस्टिकल और वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही थी। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच से यह भी पता लगा है कि माड्यूल पंजाब में पुलिस अदारों पर और हमलों की सक्रियता से योजना बना रहा था, जबकि इस मामले में अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए और जांच जारी है।
अन्य विवरण सांझा करते हुये ए. आई. जी. सी. आई. पटियाला डा. सिमरत कौर ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ़्तार किये व्यक्तियों ने कबूला है कि दोनों पुलिस अदारों पर हमलों की योजना उनके साथी गुरप्रीत सिंह उर्फ बब्बू ने बनाई थी, जो इस समय पटियाला जेल में बंद है और पुलिस की हिरासत में है।
उन्होंने कहा कि जांच में पता लगा है कि मास्टरमाईंड गुरप्रीत सिंह उर्फ बब्बू ने बादशाहपुर हमले में शामिल होने के बदले सन्दीप सिंह उर्फ दीपू को 3-4 लाख रुपए देने का वायदा किया था, जबकि हरमनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत को अजीमगढ़ हमले में साथ देने के लिए 10,000 रुपए दिए गए थे।
एआईजी ने कहा कि आगामी जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ़्तारियाँ और बरामदगियां होने की संभावना है।
इस सम्बन्धी थाना ऐसऐसओसी एसएएस नगर में हथियार एक्ट की धाराओं 25 (1) (बी) और 61 (2) के अंतर्गत एफआईआर नंबर 11 तारीख़ 19/ 7/ 2025 को केस दर्ज किया गया है, जबकि विस्फोटक पदार्थ एक्ट की धाराएं 4, 5 और 6 बाद में जोड़ी गईं हैं।

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