जालंधर ब्रीज: जिला मजिस्ट्रेट संदीप हंस ने फौजदारी संहित संघ 1973 (1974 का एक्ट नंबर 2 की धारा 144) के अंतर्गत प्राप्त हुए 25 मई 2022 को जारी किए गए अधिकारों में आंशिक संशोधन करते हुए जिले में सूखे भूसे को इंडस्ट्रीयल रॉ मटीरियल के तौर पर प्रयोग करने पर लगाई गई पाबंदी को वापिस लेने के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के मुताबिक अब केवल सूखे भूसे को ईंधन के तौर पर जलाने पर धारा 14 4 सी.आर.पी.सी के अंतर्गत रोक लगाई गई है। जारी आदेशों में जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिले में स्थित क्वांटम पेपर्स लिमिटेड की ओर से उनके ध्यान में लाया गया कि उनका उद्योग सूखे भूसे को ईंधन के तौर पर प्रयोग नहीं करता बल्कि रॉ मटीरियल के तौर प्रयोग करता है, जिसकी खरीद उनकी ओर से जिला होशियारपुर से नहीं बल्कि दूसरे जिलों से की जाती है। इससे स्थानीय गौशालाओं व दूध उत्पादक को सीधे तौर पर कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
उन्होंने बताया कि यह उद्योग इलाके में बड़े स्तर पर आम जनता को रोजगार मुहैया करवाते हैं व इसके अलावा सरकार को टैक्स व ड्यूटी भी अदा करते हैं। यदि इंडस्ट्री पर सूखे भूसे को रॉ मटीरियल पर पाबंदी जारी रहती हैं तो यह यूनिट बंद हो जाएंगे, जिससे बहुत से औद्योगिक श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे ।

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