April 19, 2026

Jalandhar Breeze

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सीमा पार से संचालित हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़; 10 पिस्तौल, 2.5 लाख रुपये हवाला राशि समेत तीन गिरफ्तार

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जालंधर ब्रीज: पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से अवैध हथियार सप्लाई में शामिल एक संगठित हथियार एवं हवाला नेटवर्क के तीन सदस्यों को 10 आधुनिक हथियारों और 2.5 लाख रुपये हवाला मनी समेत गिरफ्तार कर गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहां दी।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अमरजीत सिंह उर्फ बाऊ (22) निवासी माझी मेओ (अमृतसर), मनबीर सिंह (26) निवासी वान तारा सिंह (तरनतारन) और मुहम्मद तौफीक खान उर्फ बब्बलू (42) निवासी गौतम नगर, मुंबई के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में तीन .30 बोर पीएक्स5 पिस्तौल, तीन 9 एमएम ग्लॉक, एक 9 एमएम ब्रेटा और तीन .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थे और राज्य की शांति भंग करने के इरादे से अवैध हथियार हासिल करने और आगे सप्लाई करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे।

उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए और जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और सीमा पार संबंधों का खुलासा किया जा सके।

पुलिस आयुक्त (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कार्रवाई के विवरण साझा करते हुए कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने अमरजीत उर्फ बाऊ को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से एक ग्लॉक पिस्तौल बरामद की। बाद में अमरजीत के खुलासे पर मनबीर को नामजद किया गया और नौ पिस्तौल समेत गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि अमरजीत और मनबीर दोनों का एक साझा पाकिस्तानी हैंडलर था, जो ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप भारतीय क्षेत्र में भेजता था।

सीपी ने आगे बताया कि जांच से खुलासा हुआ है कि मुंबई आधारित व्यक्ति, मुहम्मद तौफीक खान, तस्करी से अर्जित धन को हवाला के माध्यम से पाकिस्तान भेजता था और नेटवर्क चलाने के लिए पंजाब के अलग-अलग शहरों में किराए के मकानों में रहता था। उसे 2.5 लाख रुपये हवाला राशि समेत गिरफ्तार किया गया।

इस संबंध में, अमृतसर के पुलिस स्टेशन गेट हकीमा में आर्म्स एक्ट की धारा 25(6), 25(7) और 25(8) के तहत एफआईआर नंबर 257, दिनांक 17.09.2025 दर्ज किया गया है।


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