जालंधर ब्रीज: 3 नए आपराधिक कानूनों के बारे में कानून के छात्रों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए, भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), जालन्धर द्वारा यहां बाबा कुंदन सिंह मेमोरियल लॉ कॉलेज में एक विशेष इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के समन्वय से आयोजित किया गया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएस धालीवाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-व-सचिव डीएलएसए जतिंदरपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अच्छे वकील बनें तथा जरूरतमंदों को शीघ्र न्याय दिलाने में न्यायिक प्रणाली की मदद करें।

समीर गुप्ता, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, मोगा ने 3 नए आपराधिक कानूनों – भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम – में कुछ बड़े बदलावों के बारे में बताया, जो 1 जुलाई से पूरे देश में लागू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के माध्यम से जहां ई-एफआईआर दर्ज करना आसान बना दिया गया है, ताकि आम जनता को जरूरत के समय पुलिस थानों में भागना न पड़े, वहीं आतंकवाद और देशद्रोह के खिलाफ कानूनों को और मजबूत बनाया गया है ताकि देशद्रोहियों से निपटा जा सके। उन्होंने जीरो एफआईआर की अवधारणा के बारे में भी विस्तार से बताया।
फील्ड पब्लिसिटी ऑफिसर राजेश बाली ने बताया कि यह विशेष सत्र कानून के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है, ताकि वे अपने पाठ्यक्रम में दी गई जानकारी से जुड़ सकें और विषय को आसानी से समझ सकें।
क्षेत्रीय प्रचार सहायक गुरकमल सिंह द्वारा नए कानूनों पर एक प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर बाबा कुन्दन सिंह मेमोरियल लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप कुमार पट्टी एवं कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. मधु भी उपस्थित थे।


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