जालंधर ब्रीज: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पेश की गई लैंड पूलिंग नीति पर विरोधी पार्टियों द्वारा की जा रही बेबुनियाद और झूठी बयानबाज़ी पर निशाना साधते हुये पंजाब के कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ प्रदेश प्रधान श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि नयी लैंड पूलिंग नीति शिरोमणि अकाली दल ( अकाली) – भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा बनाये गये फ्रेमवर्क के आधार पर बनाई गई है।
यहां पंजाब भवन में प्रैस कान्फ़्रेंस दौरान श्री अमन अरोड़ा ने लैंड पूलिंग नीति को पंजाब के लिए बहुत अहम और लाभदायक करार देते हुये कहा कि यह नीति पारदर्शिता, निष्पक्षता पर आधारित है और जन कल्याण ही इसकी मुख्य प्राथमिकता है। यह नीति संगठित और योजनाबद्ध विकास को उत्साहित करेगी, इसके इलावा ज़मीन मालिकों सहित समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाएगी।
विरोधी पार्टियों की बेबुनियाद और झूठी बयानबाज़ी का पर्दाफाश करते हुये श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों की पिछली कार्यवाहियां नईं लैंड पूलिंग नीति के सम्बन्ध में उनके मौजूदा रूख के बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने बताया कि अकाली-भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने एसएएस नगर (मोहाली), अमृतसर, तरन तारन और होशियारपुर समेत कई शहरों में मास्टर प्लानों के बारे नोटिफिकेशन जारी किये थे। इन नोटीफिकेशनों ने रिहायशी और व्यापारिक विकास के लिए सैंकड़े एकड़ जमीन घोषित की और निजी डिवैलपरों को कॉलोनियां बनाने की अनुमति भी दी। अकाली- भाजपा और कांग्रेस सरकारों की तरफ से डिफालटर बिल्डरों की पुशतपनाही के कारण पंजाब में लगभग 20,000 एकड़ क्षेत्र पर ग़ैर-कानूनी कॉलोनियां बन गयी हैं, जहाँ सिवरेज सिस्टम, स्ट्रीट लाईटों और अन्य बुनियादी नागरिक सहूलतों की अनुपस्थिति के कारण खरीददारों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मोहाली क्षेत्र में विकास हुआ है। 2009 से 2021 तक, कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों ने मोहाली में 3735 एकड़ ज़मीन एक्वायर की थी। श्री अरोड़ा ने पूछा कि यदि मोहाली योजनाबद्ध विकास और अत्याधुनिक सहूलतों का हकदार है तो बाकी पंजाब क्यों नहीं ? होशियारपुर, तरनतारन या फ़िरोज़पुर क्यों नहीं?
नईं नीति की मुख्य विशेषताओं को उजगार करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि नयी लैंड पूलिंग नीति पिछली नीतियों के मुकाबले अधिक किसान-हितैषी और जन- केंद्रित है। अब ज़मीन की खरीद-फ़रोख़्त पर कोई पाबंदी नहीं है। किसान अपनी ज़मीन ख़ुद डिवैल्प कर सकते हैं या सरकारी या निजी डिवैलपरों के साथ हिस्सेदारी कर सकते हैं, पहले तीन सालों के लिए 50,000 रुपए मुआवज़ा और जमीन के कब्ज़े के बाद 1 लाख रुपए और रिहायशी और व्यापारिक प्लाटों की अदला- बदली का विकल्प भी नीति में उपलब्ध है।
श्री अमन अरोड़ा ने माँग की कि अकाली-भाजपा और कांग्रेस को पंजाब के लोगों से उनको गुमराह करने और ग़ैर-कानूनी कॉलोनियों को उत्साहित करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार योजनाबद्ध विकास, पारदर्शिता और जन कल्याण के लिए वचनबद्ध है। विरोधी पक्ष के दोष बेबुनियाद और स्वार्थ से प्रेरित हैं।

More Stories
लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही ने पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का पदभार संभाला
आयकर विभाग (इंटेलिजेंस एवं क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन) निदेशालय, चंडीगढ़, द्वारा नए आयकर अधिनियम, 2025 एवं नए आयकर नियम, 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाना पंजाब सरकार की प्राथमिकता : डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन