जालंधर ब्रीज: पंजाब सरकार की तरफ से जारी आदेशों की पालना न करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के ख़िलाफ़ कार्यवाही करते हुए एक और कदम उठाया । ज़िला प्रशासन जालंधर ने कोविड -19 के मरीज़ की सी.टी.स्कैन करने पर कैप स्कैन एंड डायगनास्टिक सैंटर की तरफ से अधिक पैसे लेने सम्बन्धित लगाए गए आरोपों पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इस सम्बन्धित जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर जालंधर घनश्याम थोरी ने बताया कि एडवोकेट डी.एस.बावा की तरफ से शिकायत प्राप्त हुई है कि स्कैनिंग सैंटर की तरफ से कोविड के मरीज़ की स्कैन के लिए 5000 रुपए की माँग की जा रही है जो कि स्वंय एक वकील हैं, जबकि राज्य सरकार की तरफ से कोविड -19 के मरीज़ की स्कैनिंग के लिए 2000 रुपए रेट निश्चित किये गए हैं। उन्होनें बताया कि जिस रकम की अस्पताल की तरफ से माँग की जा रही है, वह सरकार के दिशा- निर्देशों का उल्लंघन है, जिसके लिए स्कैनिंग सैंटर को इस सम्बन्धित अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि कोविड महामारी विरुद्ध लड़ाई दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल सहन नहीं किया जायेगा और आरोपी व्यक्तियों ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होनें ज़िला निवासियों से अपील की कि यदि उनसे कोविड के इलाज दौरान फ़ाल्तू पैसे लिए जा रहे है तो वह प्रशासन के पास शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्होनें बताया कि ज़िला निवासी कंट्रोल रूम नंबर 0181 -2224417 पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

More Stories
वाइल्ड लाइफ सप्ताह के अंतर्गत छतबीड़ जू में बर्ड वॉक आयोजित
दिव्यांग व्यक्तियों का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पंजाब सरकार की प्राथमिकता; अब तक करीब 255 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर
युद्ध नशेयां विरुद्ध पंजाब को मजबूत, स्वस्थ और खुशहाल बनाने वाली क्रांति का नेतृत्व कर रहा है: डॉ. बलबीर सिंह