फोटो साभार: हॉकी इंडिया
हरमनप्रीत के पेनल्टी कॉर्नर गोल ने भारत को दिलाई बढ़त, अभिषेक ने अपने 150वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में दागे दो गोल, जबकि विष्णु कांत ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास से किया गोल
मलेशिया ने भी लगातार तीसरा मुकाबला जीता, बांग्लादेश को 6-1 से करारी शिकस्त दी
दक्षिण कोरिया ने पहली जीत दर्ज की, चीन को 2-1 से हराया
जालंधर ब्रीज: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में जापान को 4-1 से हराकर हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही गत चैंपियन भारत ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

भारत की ओर से अभिषेक (11वें और 51वें मिनट) ने दो गोल किए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह (47वें मिनट) और विष्णु कांत सिंह (56वें मिनट) ने एक-एक गोल किया। जापान के लिए शोता यामादा (15वें मिनट) ने पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए एकमात्र गोल किया।

अभिषेक के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहा, क्योंकि यह उनका 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। उन्होंने दो शानदार गोल दागने के साथ ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार भी अपने नाम किया।

इस मुकाबले में भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बड़े बदलाव किए। विष्णु कांत और अंगद बीर सिंह को मौका दिया गया, जबकि मनदीप सिंह और नीलकांता शर्मा को आराम दिया गया।
मैच की शुरुआत में जापान ने आक्रामक खेल दिखाया और हाई प्रेस के जरिए भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बनाया। दूसरे मिनट में ही जापान ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन उसका प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सका।

भारत ने 11वें मिनट में अभिषेक के गोल की मदद से 1-0 की बढ़त बनाई। विवेक सागर प्रसाद ने गेंद सुखजीत सिंह को सौंपी, जिन्होंने सर्कल के बाईं ओर से शानदार तरीके से गेंद को अभिषेक की ओर कट-बैक किया। अभिषेक ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया।
जापान ने बराबरी के लिए लगातार प्रयास किए और पहले क्वार्टर के अंतिम क्षणों में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। भारतीय गोलकीपर के शुरुआती बचाव के बाद गेंद संजय के हाथ पर लगने के कारण जापान को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। शोता यामादा ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया।

दूसरे क्वार्टर में जापान ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और भारतीय डिफेंस को लगातार चुनौती दी। भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने शानदार बचाव करते हुए जापान के कई हमलों को नाकाम किया। 24वें मिनट में अंगद बीर सिंह को गोल करने का मौका मिला, लेकिन उनका बैकहैंड शॉट सफल नहीं हुआ। 27वें मिनट में हरमनप्रीत और अभिषेक ने भी अच्छा मूव बनाया, लेकिन भारत को सफलता नहीं मिली। हाफ टाइम तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं।
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने बेहतर तालमेल दिखाया और गेंद पर अधिक समय तक नियंत्रण बनाए रखा। 32वें मिनट में सुखजीत सिंह के पास गोल करने का मौका था, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया। जापान को 36वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे सफल नहीं होने दिया। इसके बाद शिलानंद लकड़ा के टॉमहॉक शॉट को जापानी गोलकीपर ने शानदार तरीके से रोक लिया।
चौथे क्वार्टर में भारत ने आक्रामक रुख अपनाया और 47वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भारत के पहले पेनल्टी कॉर्नर को अपनी दमदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल में बदल दिया। टूर्नामेंट में यह उनका पांचवां गोल था और उनके सभी पांच गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए हैं।
भारत ने 51वें मिनट में अपनी बढ़त 3-1 कर दी। दिलप्रीत सिंह ने गेंद संजय को दी, जिन्होंने बाईं ओर से शानदार कट-बैक किया। अभिषेक ने मौके का फायदा उठाते हुए अपना दूसरा गोल दाग दिया।
इसके बाद 56वें मिनट में विष्णु कांत सिंह ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास से भारत का चौथा गोल किया। उन्होंने हरमनप्रीत के सटीक डायगोनल एरियल पास को सर्कल के बाहर नियंत्रित किया और तेजी से आगे बढ़ते हुए गेंद को गोलकीपर के ऊपर से फ्लिक कर दिया। इसके साथ ही भारत ने 4-1 की शानदार जीत सुनिश्चित कर ली।
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए अभिषेक ने मुकाबले के बाद कहा कि भारतीय टीम ने अंतिम क्वार्टर में खेल पर नियंत्रण बनाने की रणनीति अपनाई थी।
उन्होंने कहा, “अंतिम क्वार्टर में हमारी रणनीति खेल को नियंत्रित करने और ऊंचाई पर जाकर दबाव बनाने की थी। इसी वजह से हमें गोल मिले। हाफ टाइम में कोच क्रेग फुल्टन ने हमें जापान पर दबाव बनाने के लिए कहा था। हम शुरुआत से ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगा। जैसे ही हमें पहला मौका मिला, हरमनप्रीत ने पहली ही कोशिश में गोल कर दिया।”
शुक्रवार को खेले गए अन्य मुकाबलों में मलेशिया ने बांग्लादेश को 6-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं दक्षिण कोरिया ने चीन को 2-1 से हराया।
तीन मैचों में नौ अंकों और +19 के गोल अंतर के साथ भारत अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। मलेशिया भी नौ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, लेकिन उसका गोल अंतर +8 है। जापान छह अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि दक्षिण कोरिया तीन अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। चीन और बांग्लादेश तीन-तीन मुकाबले हारने के बाद अब तक अपना खाता नहीं खोल पाए हैं।
भारत का अगला मुकाबला रविवार, 1 नवंबर को मलेशिया के खिलाफ होगा। यह मुकाबला जालंधर में शाम 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार) खेला जाएगा।
इस दौरान मलेशिया ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बांग्लादेश को 6-1 से करारी शिकस्त दी। विजेता टीम के लिए अबू कमाल अज्राई ने 14वें मिनट में फील्ड गोल और 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किए। मोहम्मद अखीमुल्लाह अनुआर एसुक ने 29वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किया। अजीमुद्दीन कमारुद्दीन ने 32वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किया। शैलो सिल्वेरियस ने 33वें मिनट में फील्ड गोल किया, जबकि आयमन रोजेमी ने 50वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किया। बांग्लादेश की ओर से अमीरुल इस्लाम ने 26वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।
एक अन्य मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए चीन को 2-1 से हराया और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। चीन के लिए चेन चोंगकोंग ने 8वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक के माध्यम से गोल किया, जबकि दक्षिण कोरिया के लिए कप्तान किम योंग-बोक ने 35वें मिनट में और किम जेहो ने 36वें मिनट में गोल किए। ये दोनों फील्ड गोल थे।

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