जालंधर ब्रीज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर देश में लोकतंत्र को कमजोर और नष्ट करने के आरोप में, आज हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले भी जलाये।इस अवसर पर बोलते हुए वडिंग ने कहा कि कुमार ने चुनावी प्रक्रिया को “खराब और नष्ट” कर दिया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों से नाम काटकर अकेले दम पर 13.8 करोड़ मतदाताओं के मताधिकार को छीन लिया गया है।उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा जैसे राज्यों के उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों के चुनावी नतीजे जमीनी हकीकत और जनता की सोच के बिल्कुल विपरीत थे।उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाला चुनाव आयोग भाजपा और आरएसएस के साथ मिलीभगत करके उन मतदाताओं के नाम काट रहा है, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे उनके खिलाफ हैं।उन्होंने उल्लेख किया कि जब तीन साल पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता ने यह मुद्दा उठाया था, तब चुनाव आयोग ने इससे इनकार करने की कोशिश की थी।
उन्होंने कहा कि अब दो चुनाव आयुक्तों ने वही बात मान ली है जो राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से कह रहे थे।पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने पंजाब के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूचियों से वोट काटे जाने के खिलाफ सतर्क रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा की मदद के लिए राज्यों में मतदाता सूचियों का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ करवाकर वोट काटना चुनाव आयोग का तरीका रहा है और अब यही सब पंजाब में भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब की मतदाता सूचियों से अब तक 20 लाख वोट काटे जा चुके हैं और यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
वडिंग ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘आप’ और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने उदाहरण दिए कि कैसे ‘आप’ ने पंजाब में म्युनिसिपल कमेटियों के नतीजों में हेरफेर किया।पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि ‘आप’ सरकार पंजाब में राजनीति के अपराधीकरण को संस्थागत रूप दे रही है। उन्होंने आशंका जताई कि वह समय बहुत दूर नहीं है जब जग्गू भगवानपुरिया और गुरप्रीत सेखों जैसे अपराधी और गैंगस्टर, जिन पर दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, चुनाव लड़ रहे होंगे।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान और सुखबीर सिंह बादल दोनों ही पंजाब में गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं।दिल्ली के नेताओं के आगे घुटने टेकने के लिए मान पर तंज कसते हुए वडिंग ने बताया कि कैसे मंत्रियों की दस कोठियां दिल्ली और राजस्थान के अनाधिकृत लोगों को आवंटित की गई हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी लोग इन कोठियों में रह रहे हैं, जबकि मंत्री गेस्ट हाउसों में रहने के लिए मजबूर हैं।इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख नेताओं में कुलबीर जीरा, आशु बांगड़ और अन्य शामिल थे।

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