May 26, 2026

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आयकर विभाग (इंटेलिजेंस एवं क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन) निदेशालय, चंडीगढ़, द्वारा नए आयकर अधिनियम, 2025 एवं नए आयकर नियम, 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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जालंधर ब्रीज: आयकर विभाग (इंटेलिजेंस एवं क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन) निदेशालय, चंडीगढ़ द्वारा PRARAMBH, 2026 के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत दिनांक 25.05.2026 को चंडीगढ़ एवं फरीदाबाद में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रोहित शर्मा, IRS, निदेशक आयकर (I&CI), चंडीगढ़ तथा गगन कुंद्रा, IRS, अतिरिक्त निदेशक आयकर (I&CI), चंडीगढ़ के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (ICAI) की NIRC चंडीगढ़ शाखा एवं फरीदाबाद शाखा के सहयोग से किया गया।

इस संगोष्ठी में ICAI के सदस्यों, बार एसोसिएशन के सदस्यों, बैंकरों एवं तहसीलदारों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम का उद्देश्य नए आयकर अधिनियम, 2025 एवं नए आयकर नियम, 2026 तथा I&CI निदेशालय से संबंधित SFT एवं SRA की फाइलिंग हेतु नए प्रपत्र 97, 98, 165, 166 एवं 167 के प्रावधानों के संबंध में स्पष्टता प्रदान करना था।

इस जागरूकता कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग AI-सक्षम “कर साथी” चैटबॉट का प्रदर्शन था। उपस्थित प्रतिभागियों को चैटबॉट की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई तथा बताया गया कि AI-सक्षम चैटबॉट “कर साथी” विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in पर उपलब्ध है। इसी उद्देश्य से “कर साथी” पर एक विशेष डेस्क भी स्थापित की गई, ताकि प्रतिभागियों को आयकर वेबसाइट पर उपलब्ध नए AI टूल्स का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।

प्रतिभागियों को आयकर अधिनियम, 1961 के नियम 114E के अंतर्गत Statement of Financial Transactions (SFT) दाखिल करने की समय-सीमा एवं प्रक्रिया के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 हेतु SFT को 31 मई 2026 तक समयबद्ध एवं सही तरीके से दाखिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

संगोष्ठी के दौरान सरिता अग्रवाल, IRS, सहायक निदेशक आयकर (I&CI), चंडीगढ़ ने नए आयकर अधिनियम, 2025 की प्रमुख विशेषताओं, I&CI निदेशालय की भूमिका तथा SFT फाइलिंग से संबंधित अनुपालन आवश्यकताओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। वहीं फरीदाबाद में विकास परिहार, आयकर अधिकारी (I&CI), फरीदाबाद ने सत्र को संबोधित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सरिता अग्रवाल, IRS ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर एवं स्पष्टीकरण प्रदान किए।

कार्यक्रम का समापन हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आयकर अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल देते हुए किया गया।


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