July 10, 2026

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मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए स्थापित होगा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र

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जालंधर ब्रीज: मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर में नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जा रहा है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगरूप सिंह ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों में बढ़ रही मानसिक समस्याओं और तनाव का समाधान करना है।

उन्होंने कहा कि इस केंद्र में विद्यार्थियों को योग, ध्यान और मानसिक परामर्श सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही उन्हें निरोग और दवा-रहित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

प्राचार्य डॉ. जगरूप सिंह ने बताया कि कॉलेज परिसर में एक विशेष मानसिक स्वास्थ्य कक्ष स्थापित किया जा रहा है, जहां योग प्रशिक्षक और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान में सहायता करेंगे।

उन्होंने कहा कि कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया तेजी से चल रही है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी दाखिला ले रहे हैं। डॉ. जगरूप सिंह के अनुसार यह पंजाब का एकमात्र पॉलिटेक्निक कॉलेज है, जिसे राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड द्वारा दो कार्यक्रमों में मान्यता प्राप्त है। इसके अलावा वर्ष 2025 में राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ द्वारा इसे राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ पॉलिटेक्निक कॉलेज के सम्मान से भी नवाजा गया है।

प्राचार्य ने कहा कि दसवीं पास विद्यार्थियों के लिए यह कॉलेज अवसरों का केंद्र है, जहां उनके सपनों को नई दिशा मिलती है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पुराने विद्यार्थियों द्वारा जरूरतमंद छात्रों को लगभग पांच लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी।

डॉ. जगरूप सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी विद्यार्थी मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसी घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र या तनाव मुक्ति कक्ष की स्थापना विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें प्रकृति के करीब लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि भारत का सर्वोच्च न्यायालय भी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और आज के समय में युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।


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