May 26, 2026

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डिप्टी कमिश्नर की ओर से किसानों से फसली अवशेषों के उचित प्रबंधन की अपील

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जालंधर ब्रीज: डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने आज यहां जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण शिविर के दौरान किसानों से जोरदार अपील की कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता शक्ति को मजबूत रखने के लिए फसली अवशेषों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए तथा इस उद्देश्य के लिए कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही फसल प्रबंधन मशीनों का उपयोग किया जाए।

स्थानीय सिटी सेंटर में पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ फसलों संबंधी लगाए गए किसान प्रशिक्षण शिविर के मौके पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसानों को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि गेहूं और धान के अवशेषों को खेतों में आग लगाए बिना होशियारपुर को इस प्रबंधन के लिए अग्रणी जिला बनाने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और मानव स्वास्थ्य को नुकसान से बचाने के लिए फसली अवशेषों का उचित प्रबंधन समय की मुख्य आवश्यकता है, जिसके बारे में सभी को गंभीरता से सोचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भूमिगत जल के गिरते स्तर को ध्यान में रखते हुए किसानों को राज्य सरकार द्वारा मक्की की खेती के लिए 17,500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान की राशि उपलब्ध कराई जाएगी और धान की डायरेक्ट सीडिंग करने वाले किसानों को 1,500 रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक आय वाली फसलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और सेल्फ हेल्प ग्रुपों की मदद से अपनी पैदावार का सामान तैयार करके अपनी आय बढ़ानी चाहिए। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रशासन द्वारा फसलों के अवशेषों के प्रबंधन के साथ-साथ हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी।

डिप्टी कमिश्नर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों से एग्री स्टैक फॉर्म रजिस्ट्री करवाने की अपील की ताकि वे आगे भी इस योजना का लाभ निर्विघ्न रूप से ले सकें। उन्होंने किसानों को बताया कि जिले में सही ढंग से गिरदावरी करने के लिए हर खेत की डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत फसलों की गिरदावरी ऑनलाइन तरीके से की जा रही है, जिससे प्रशासन को फसलों का सही रिकॉर्ड रखने में सहयोग मिलेगा और किसी भी प्रकार की आपदा आने पर मुआवजा सही तरीके से किसानों को दिया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा गेहूं की फसल खरीदने के सभी प्रबंध पूर्ण हैं और किसानों को इस संबंध में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि अपनी उपज को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में बेचें ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।

शिविर में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंजाब के कृषि विशेषज्ञों और कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत करवाया। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दपिंदर सिंह संधू ने किसानों से मिट्टी की जांच करवाने और भूमि परीक्षण के आधार पर प्राप्त मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही खादों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग किसानों को मानक खाद, बीज और कृषि रसायन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि विज्ञान केंद्र से सहायक निदेशक डॉ. मनिंदर सिंह बोंस और उनकी टीम के विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों के अवशेषों की देखभाल, सब्जियों की खेती, उन्नत बीज और फसलों संबंधी तकनीकी जानकारी तथा एग्रोफोरेस्ट्री के अंतर्गत खेती आदि की विस्तार से जानकारी साझा की। इस मौके पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी होशियारपुर दीपक पुरी ने शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों और किसानों का धन्यवाद किया।

इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसानों के साथ अमित नेगी, महा सचिव ट्रेड विंग पंजाब, सदस्य एक्साइज एंड टैक्सेशन तथा कुलजीत सिंह, सदस्य जिला परिषद जहानखेलां ने भी भाग लिया। डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों सहित कृषि विशेषज्ञों और सेल्फ हेल्प ग्रुपों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का दौरा करके किसानों और विशेषज्ञों से बातचीत भी की।


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