जालंधर ब्रीज: मेहरचंद पॉलिटेक्निक कॉलेज में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थी और स्टाफ सदस्य उपस्थित हुए। इस अवसर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश किया गया, सुखमनी साहिब पाठ के भोग डाले गए, कीर्तन श्रवण किया गया और तत्पश्चात सभी स्टाफ और विद्यार्थियों ने पंगत में बैठकर लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।

एच.एम.वी. कॉलेज से आए प्रो. प्रेम सागर ने गुरु तेग बहादुर साहिब की अद्वितीय और बेमिसाल कुर्बानी को शब्द-कीर्तन के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए संगत को त्याग और सेवा भावना से भर दिया।

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आज हम उस महान और अद्वितीय शहादत को स्मरण कर रहे हैं, जिसकी मिसाल किसी भी धर्म या इतिहास में नहीं मिलती। नौवीं पातशाही ने संपूर्ण मानवता, अमन और भाईचारे की रक्षा, हिंदू धर्म की रक्षा, हमारी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा और मानव अधिकारों की रक्षा हेतु अपना सिर निछावर किया।

उनकी कुर्बानी यह संदेश देती है कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं। आज के समय में भी धार्मिक सहिष्णुता, आपसी प्रेम, सामाजिक सुरक्षा तथा अमन और भाईचारे की अत्यंत आवश्यकता है। हमें चाहिए कि गुरु साहिब की कुर्बानी को स्मरण रखते हुए सत्य और सेवा के उनके मार्ग पर चलें।

मंच संचालक प्रभुदयाल जी द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के बारे में मूलभूत जानकारी दी गई। गुरुद्वारा साहिब कमेटी की ओर से प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट तरलोक सिंह और प्रभुदयाल को सम्मानित किया गया। शहीदी समारोह की सफलता के लिए पूरे स्टाफ ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। इस अवसर पर डी.ई.वी. इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल एन.एल. अरोड़ा, एलुमनी सदस्य पी.एल. शर्मा, जे.टी.एस. के प्रिंसिपल गुरविंदर सिंह और सेवानिवृत्त स्टाफ सदस्य भी उपस्थित थे।


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