जालंधर ब्रीज: पश्चिमी कमान, दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (एसडीएमए) के समन्वय में, तीन दिवसीय एकीकृत आपदा प्रबंधन संगोष्ठी और मॉक अभ्यास, सुरक्षा चक्र अभ्यास में भाग ले रही है। यह अभ्यास आज दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में शुरू हुआ और इसका उद्देश्य नियोजन ढाँचों को प्रमाणिक करना, अंतर-एजेंसी समन्वय को मज़बूत करना और आपदा प्रबंधन के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण अपनाना है।

इस संगोष्ठी का उद्घाटन एनडीएमए के विभागाध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह ने किया। पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने उद्घाटन भाषण दिया और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, जोखिम आकलन और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए उपकरणों व आपूर्ति की पूर्व-स्थिति के महत्व पर प्रकाश डाला। दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने भी संगोष्ठी में भाग लिया और दिल्ली क्षेत्र के संचालन क्षेत्र में आपदा खतरों का अवलोकन प्रस्तुत किया।

यह संगोष्ठी, जिसमें नागरिक, सैन्य और वैज्ञानिक समुदायों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने भाग लिया, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के 18 जिलों में भूकंप और औद्योगिक रासायनिक खतरों की तैयारी पर केंद्रित थी।
इस अभ्यास में ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियाँ, पैनल चर्चाएँ और अत्याधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी शामिल होगी। 1 अगस्त, 2025 को एक कृत्रिम स्थिति अभ्यास निर्धारित है, जहाँ सभी भाग लेने वाली एजेंसियाँ अपनी आपदा प्रबंधन क्षमताओं का परीक्षण करने के लिए एक साथ आएंगी।
अभ्यास सुरक्षा चक्र में पश्चिमी कमान की भागीदारी आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण में राष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने की उसकी प्रतिबद्धता को व्यक्त करती है।

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