जालंधर ब्रीज: विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर, केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी), लुधियाना आयुक्तालय के अधिकारियों ने पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ क्षेत्र में कई तलाशी अभियान चलाए। इन अभियानों के दौरान लोहे और इस्पात क्षेत्र में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त करने एवं उसे आगे वितरित करने में लिप्त एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया, जो पाँच फर्मों के माध्यम से यह धोखाधड़ी कर रहा था।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने एक ऐसी कार्यप्रणाली का खुलासा किया, जिसमें धोखेबाज गिरोह ऋणग्रस्त रोलिंग मिलों का अधिग्रहण कर, उन्हें एक मुखौटा (फ्रंट) के रूप में उपयोग कर फर्जी आईटीसी प्राप्त करता था और जीएसटी प्रवर्तन एजेंसियों से बचने का प्रयास करता था।
तलाशी कार्रवाई के पश्चात, 24 जुलाई 2025 को उक्त फर्मों का संचालन और नियंत्रण करने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, फर्जी बिलों का अनुमानित मूल्य लगभग ₹260 करोड़ है, जिससे सरकारी राजस्व को लगभग ₹47 करोड़ का नुकसान हुआ है।
अब तक की दो गिरफ्तारियों के पश्चात, पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है तथा इसमें संलिप्त अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
सीजीएसटी लुधियाना आयुक्तालय ने कर धोखाधड़ी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और ईमानदार करदाताओं के लिए निष्पक्ष और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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