जालंधर ब्रीज: राज्य की वित्तीय हालत सुधारने के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाने की कोशिश के तौर पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने आज इंतकाल फीस 300 रुपए से बढ़ाकर 600 रुपए करने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस फ़ैसले से राज्य के खज़ाने को लगभग 10 करोड़ रुपए की राजस्व सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को ज़मीन के मालिकों के हित में सभी बकाया इंतकाल निपटाने के लिए विशेष मुहिम भी चलाने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को इंतकाल फीस वसूलने और ज़मीन की रजिस्ट्री के मौके पर इंतकाल के लिए दस्तावेज़ों को जल्दी मुकम्मल करने पर विचारने के हुक्म दिए, जिससे इस सम्बन्ध में अनावश्यक देरी को रोका जा सके। कुछ मंत्रियों ने मीटिंग के दौरान यह मुद्दा उठाया गया कि अनेकों इंतकाल सालों से बकाया हैं, तो मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त (राजस्व) को यह मामला विचारने और ज़रुरी कदम उठाने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के मुताबिक सरकार द्वारा तय की गई फीस आज के मुद्रा प्रसार के माहौल में राजस्व संग्रह के लिए बहुत कम है। यह फीस पिछली बार अक्तूबर, 2012 में बढ़ाई गई थी, जो 150 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए की गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के खज़ाने पर खर्चों का बोझ बढऩे के कारण राज्य सरकार ने आठ सालों के लंबे समय के बाद इंतकाल फीस बढ़ाने का फ़ैसला लिया है।

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