जालंधर ब्रीज: डायरेक्टर महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब और डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर के निर्देशानुसार जिले में बाल भिक्षावृत्ति की समस्या को जड़ से मिटाने के लिए विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इसी कड़ी में आज जिला बाल सुरक्षा इकाई ने माहिलपुर अड्डा, शिमला पहाड़ी, चंडीगढ़ रोड और रेलवे रोड पर दुकानदारों और आम जनता को बच्चों को भिक्षा न देने के लिए प्रेरित किया और उन्हें शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर लीगल प्रॉबेशन अधिकारी सुखजिंदर सिंह और सोशल वर्कर रंजीत कौर ने लोगों को बाल भिक्षावृत्ति के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। सोशल वर्कर मोहित कुमार और राजनदीप ने दुकानों के बाहर बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ पोस्टर लगाए और लोगों को जागरूक किया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना कानूनी अपराध है।
जिला बाल सुरक्षा अधिकारी हरप्रीत कौर ने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति को खत्म करने के लिए भिक्षा मांगने वाले बच्चों के माता-पिता की काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे अपने बच्चों को भिक्षा मांगने के बजाय स्कूलों में पढ़ाई के लिए भेजें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जरूरतमंद और बेसहारा बच्चों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही स्पॉन्सरशिप स्कीम के तहत प्रति बच्चा 4000 रुपए की वित्तीय सहायता शिक्षा के लिए दी जाती है।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं 18 वर्ष से कम उम्र का कोई बच्चा भिक्षा मांगता हुआ दिखे, तो इसकी सूचना जिला बाल सुरक्षा इकाई, राम कॉलोनी कैंप, चंडीगढ़ रोड, होशियारपुर या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर तुरंत दें।

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