June 14, 2026

Jalandhar Breeze

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जालंधर पश्चिमी उप चुनाव,पैसे का दुरुपयोग रोकने के लिए इनकम टैक्स विभाग ने स्थापित किया कंट्रोल रूम

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जालंधर ब्रीज: भारतीय चुनाव आयोग के आदेशों अनुसार इनकम टैक्स विभाग के जांच डायरैक्टोरेट धरमिन्दर सिंह पुनिया ने बताया कि विधान सभा उप चुनाव- 2024 में पैसे का दुरुपयोग को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए है।

उन्होंने बताया कि इस संबंधी जानकारी/ शिकायतें प्राप्त करने के लिए पंजाब राज्य के लिए इनकम टैक्स दफ़्तर, जालंधर में टोल- फ्री नंबर (1800- 180- 2141) और एक वटसएप नंबर (75891- 66713) वाला एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और जो 24 घंटे काम करता है।

उन्होंने कहा कि लोग को इन नंबरों पर काल करने और चुनाव प्रक्रिया को गलत ढंग से प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की जाती नकदी या अन्य कीमती चीजों से सम्बन्धित विशेष जानकारी देने के लिए उत्साहित किया जाता है। उन्होंने बताया कि काल करने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिले में उप चुनाव सम्बन्धित शिकायतों के निपटारे के लिए अधिकारियों और इंस्पैक्टरों की टीमें तैनात की गई है। सूचना की प्रामाणिकता के आधार पर एंव जांच के बाद कानून अनुसार उचित मामलों में नकदी आदि ज़ब्त करने की कार्यवाही की जाएगी। यह टीमें ज़िला चुनाव अधिकारी ( डी. ई. ओ.) के ज़िला कंट्रोल रूम के साथ-साथ ज़िला स्तर पर अन्य एजेंसियों के साथ नज़दीकी तालमेल में काम करेंगी।

उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया दौरान बिना हिसाब के नकदी के प्रबंधन में संभावित तौर पर शामिल व्यक्तियों, स्थानों और गतिविधियों पर सख़्त नज़र रखी जा रही है। एयर इंटैलीजेंस यूनिट पंजाब राज्य के सभी हवाई अड्डों के साथ-साथ राज्य के लिए व्यापारिक उड़ानों की सेवा करने वाले हवाई अड्डों पर कार्यशील है। यह यूनिट हवाई के द्वारा नकदी की यातायात पर तीखी नज़र रख रहे हैं। इसी तरह रेलवे के द्वारा नकदी आदि की यातायात पर भी रेलवे आधिकारियों के साथ तालमेल करके निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि बैंक खातों से एक निश्चित सीमा से अधिक नकदी निकलवाने संबंधी जानकारी प्राप्त की जा रही है और शक्की लेन- देन की पहचान करने और उचित कार्यवाही करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। डायरैक्टोरेट उम्मीदवारों की जायदादों और देनदारियों को घोषित करने वाले हलफ़नामों की भी जांच करेगा और यदि इसके साथ सम्बन्धित कोई भी जानकारी छिपी हुई है, तो उस सम्बन्धित सूचना चुनाव आयोग को दी जाएगी। इसी तरह यदि उम्मीदवारों द्वारा चुनाव खर्च सम्बन्धित कोई ऐतराज़योग्य जानकारी इकट्ठी की जाती है तो उसकी सूचना चुनाव आयोग को भी दी जाएगी।


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