जालंधर ब्रीज: वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अधीन कार्यरत केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीएलआरआई), चेन्नई के क्षेत्रीय केंद्र, जालंधर में 77वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सीएलआरआई, क्षेत्रीय केंद्र, जालंधर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पी. सुधाकर ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए अतिथियों का स्वागत किया तथा संस्था एवं क्षेत्रीय केंद्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री वी. कार्तिक ने चमड़ा, चमड़ा निर्माण और उत्पाद निर्माण के विभिन्न अनुप्रयोगों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने चमड़ा क्षेत्र के दायरे और कैरियर के अवसरों पर भी प्रकाश डाला। इसके बाद उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस मौके पर लोगों को संस्थान में आने की इजाजत भी दी गई। संस्थान ने पारंपरिक चमड़े, विदेशी चमड़े और मिश्रित सामग्री जैसे जूते, कपड़े आदि से बने उत्पादों का प्रदर्शन किया। मोंटगोमरी गुरु नानक (एमजीएन) पब्लिक स्कूल, जालंधर और गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ लेदर एंड फुटवियर टेक्नोलॉजी (जीआईएलएफटी), जालंधर के लगभग 40 छात्रों ने क्षेत्रीय केंद्र का दौरा किया और इसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर छात्रों ने क्षेत्रीय केंद्र के वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों से भी बातचीत की। छात्रों को चमड़ा शोधन, चमड़े के भौतिक और रासायनिक परीक्षण और इको-परीक्षण का प्रदर्शन भी दिखाया गया। छात्रों को वाणिज्यिक चमड़े के उत्पादन से परिचित कराने के लिए मैसर्स रीगल लेदर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, जालंधर का दौरा भी करवाया गया। छात्रों और छात्र समन्वयकों द्वारा चमड़ा उद्योग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सीएलआरआई, क्षेत्रीय केंद्र, जालंधर का धन्यवाद किया गया।

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