June 16, 2026

Jalandhar Breeze

Hindi Newspaper

समाज को स्वस्थ वातावरण देने के लिए पराली को आग लगाने के गुरेज करें किसान: कोमल मित्तल

Share news

जालंधर ब्रीज: पराली को जलाने से रुकवाने के लिए जिला प्रशासन की वचनबद्धता को दोहराते हुए डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने कहा कि जिला प्रशासन की टीमें पूरे जिले में फील्ड स्तर पर गांवों का दौरा कर रही हैं और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि किसान धान की पराली को आग न लगाएं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसानों ने काफी जागरुकता दिखाते हुए पराली को आग लगाने से गुरेज किया है लेकिन कुछ किसान अभी भी पराली को आग लगा रहे हैं।

उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे उन किसानों से प्रेरणा ले जो कि वातावरण व जमीन की संभाल के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पराली को आग नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे समाज व अपनी आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ वातावरण व साफ हवा देने के लिए पराली को आग न लगाएं।

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले में धान की पराली जलाने के रुझान को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह वचनबद्ध है और इस लिए जहां किसानों को पराली के सही प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीने मुहैया करवाई जा रही है वहीं जागरुकता अभियान भी लगातार जारी है। उन्होंने किसानों को पराली न जलाने के स्थान पर उसका मशीनरी के साथ खेतों में ही सही प्रबंध करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अक्सर बिना सुपर एस.एम.एस वाली कंबाइन हारवेस्टर के इस्तेमाल के बाद खेत में पड़े धान की पराली को किसानों की ओर से आम तौर पर आग लगा दी जाती है, जिससे धरती की उपजाऊ शक्ति, मानवीय स्वास्थ्य व अन्य जीव जंतुओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है व वातावरण भी प्रदूषित होता है। उन्होंने कहा कि सुपर सीडर के माध्यम से पराली को बिना जलाए गेहूं की बुआई आसानी से हो जाती है।

डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने बताया कि प्रदेश में किसानों विशेष तौर पर बहु गिनती छोटे व सीमांत किसानों के लिए सरकार की ओर से इन मशीनों को किराए पर लेने के लिए वाजिब रेट निर्धारित किए गए हैं। कस्टम हायरिंग सैंटरों व उनके पास उपलब्ध मशीनों की सूची संबंधित ब्लाक कृषि कार्यालय से संपर्क कर ली जा सकती है। इसके अलावा सरकार की ओर से कृषि मशीनों की उपलब्धता दर्शाने के लिए एक मोबाइल एप ‘आई-खेत’ पंजाब भी तैयार किया गया है, जिसमें किसानों अपने आपको रजिस्टर कर अपनी लोकेशन से कुछ किलोमीटर की सीमा के अंदर उपलब्ध कस्टम हायरिंग सैंटरों व उनके पास उपलब्ध मशीनों का विवरण प्राप्त कर मशीनों को किराए पर बुक करवा सकते हैं।


Share news

You may have missed