जालंधर ब्रीज: जिला मैजिस्ट्रेट विशेष सारंगल ने फ़ौजदारीसंहिता की धारा 144 के तहत अधिकारो का प्रयोग करते हुए जिले के अधिकार क्षेत्र में धान की पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि धान की पराली जलाने से कई जहरीली गैसें निकलती हैं, जो मानव स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी प्रदूषित करती हैं।उन्होंने कहा कि धान की पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरक शक्ति नष्ट हो जाती है और मिट्टी में मौजूद कई पोषक तत्व नष्ट हो जाते है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से धुएं की मोटी परत के कारण यातायात भी बाधित होता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। जिलामैजिस्ट्रेट ने बताया कि यह आदेश 30 नवंबर 2023 तक लागू रहेगा।
जिला मैजिस्ट्रेट ने शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे तक कंबाइन से धान की कटाई पर लगाई रोक
जिला मैजिस्ट्रेट विशेष सारंगल ने फ़ौजदारी संहिता की धारा 144 के तहत अधिकारो का प्रयोग करते हुए जिले में शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे तक कंबाइन मशीनों से धान की कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश में जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि धान की कटाई उन्हीं हार्वेस्टर कंबाइनों से करें, जिनमें बी.आई. एस का प्रमाण पत्र हो। उन्होंने किसानों से यह भी कहा कि वे शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे के बीच धान की कटाई न करें ताकि फसल में नमी की मात्रा न बढ़े, जिससे फसल की खरीद में देरी होती है।
जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि रात के समय नमी की मात्रा बढ़ जाती है और यदि रात में कटाई की जाती है तो किसानों को मंडियों में अपनी उपज खरीद में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने किसानों से बाजार में सूखा अनाज ही लाने की अपील की और कहा कि कृषि विभाग भी किसानों को इस संबंध में जागरूक करे ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह आदेश 30 नवंबर 2023 तक लागू रहेगा।

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