June 16, 2026

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पंजाब विधान सभा में नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) कॉन्फ्रेंस-कम-वर्कशॉप 21 सितम्बर को: स्पीकर कुलतार सिंह संधवां

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जालंधर ब्रीज: पंजाब विधान सभा में नेशनल ई-विधान ऐप्लीकेशन ( नेवा)  कॉन्फ्रेंस – कम- वर्कशॉप 21 सितम्बर, 2023 को आयोजित करवाई जायेगी, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री पंजाब स. भगवंत सिंह मान करेंगे।  

यह जानकारी देते हुए पंजाब विधान सभा स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत मान की पहल के स्वरूप 21 और 22 सितम्बर, 2023 को सभी विधायकों के लिए दो दिवसीय वर्कशॉप लगाई जायेगी, जिसमें सभी विधायकों को नयी ऑनलाइन प्रणाली और प्रोजैक्ट सम्बन्धी सारी जानकारी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान 21 सितम्बर को नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन, पंजाब विधान सभा डिजिटल विंग, पंजाब विधान सभा वैबसाईट, नेवा वर्कशॉप और नेवा ब्रोशर का उद्घाटन करेंगे। 

स. संधवां ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस – कम- वर्कशॉप में ऑनलाइन नोटिस सैक्शन और डिजिटल, ऑनलाइन प्रश्न प्रोसेसिंग और डिज़ीटाईजेशन मोड्यूल, ऑनलाइन हाऊस कमेटी मोड्यूल, रिपोरटजऱ् मोड्यूल आदि होने वाले अलग-अलग सैशनों में समूची प्रणाली सम्बन्धी जानकारी दी जायेगी।  
स. संधवां ने बताया कि अगले सैशन से पंजाब विधान सभा की समूची कार्यवाही हाईटैक और कागज़-रहित होगी। उन्होंने बताया कि अब समूह विधायक वातावरण- समर्थकीय पहल के अंतर्गत टैबलेट्स के द्वारा भाव कागज़-रहित प्रणाली अपनाते हुए विधान सभा सैशनों में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि अब पंजाब विधान सभा सम्बन्धी जानकारी का आदान-प्रदान नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के द्वारा होगा। उन्होंने बताया कि नेशनल ई-विधान ऐप और कार्यवाही की लाइव वैबकास्टिंग के द्वारा लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी।  

स. संधवां ने बताया कि नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) का उद्देश्य देश की सभी विधान सभाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है, जिसके साथ कई ऐप्लीकेशनों की उलझन के बिना एक विशाल डेटा डिपॉजि़ट्री बनाना है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सभी विधायकों के मेज़ों पर टेबलेट लाने का कार्य मुकम्मल कर लिया गया है, जिससे अब सदन की कार्यवाही ऑनलाइन होगी।

उन्होंने कहा कि सदन की समूची जानकारी का आदान- प्रदान नेशनल ई-विधान ऐप्लीकेशन के द्वारा होगा और सदन के टेबल पर रखे जाने वाले कागज़-पत्र भी इलेक्ट्रॉनिक विधि के द्वारा ही रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली लागू होने से जहाँ कागज़ की बचत होगी, वहीं चौगिरदे को प्रदूषण से बचाने सम्बन्धी सरकार के प्रयासों में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे सदन के काम-काज में और अधिक पारदर्शिता आयेगी।  


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