जालंधर ब्रीज: असामाजिक तत्वों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पंजाब पुलिस की गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने शनिवार को फिल्लौर गोलीकांड के मुख्य आरोपी युवराज सिंह उर्फ जोरा को जीरकपुर में एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जि़क्रयोग्य है कि पंजाब पुलिस का कॉन्स्टेबल कुलदीप सिंह बाजवा फिल्लौर में असामाजिक तत्वों के खिलाफ लड़ता हुआ ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया था।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी युवराज सिंह उर्फ जोरा ने रमजान मलिक के रूप में फर्जी पहचान बताकर ढकोली, जीरकपुर के एल्प्स होटल में ठहरा हुआ था। उन्होंने कहा कि एक गुप्त सूचना के आधार पर एआईजी संदीप गोयल और डीएसपी बिक्रम बराड़ के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम ने होटल एल्प्स को घेर लिया और होटल के प्रबंधक से होटल के कमरा नंबर-105 में आरोपी जोरा की मौजूदगी की पुष्टि की। इस पुष्टि के बाद एजीटीएफ टीम ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने की पेशकश की, लेकिन जोरा ने एजीटीएफ टीम पर गोली चला दी।
कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद एजीटीएफ की टीम ने आरोपी को काबू कर लिया। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान जोरा को गोली लगी थी और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। डीजीपी ने आगे कहा कि आरोपी के कब्जे से दो .32 कैलिबर के पिस्तौल बरामद किए गए हैं।
गौरव यादव ने दोहराया कि पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री भगवंत मान के विजऩ के अनुसार पंजाब को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
जि़क्रयोग्य है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीद के पैतृक गांव जाकर उनके घर का दौरा किया था और देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में पीडि़त परिवार को 2 करोड़ रुपये के चैक सौंपे थे। उन्होंने शहीद कॉन्स्टेबल कुलदीप सिंह बाजवा के नाम पर एक स्टेडियम बनाने और एक सडक़ का नाम रखने की भी घोषणा की।

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