जालंधर ब्रीज: डिप्टी कमिशनर जसप्रीत सिंह ने आज बाल कल्याण समिति को बाल अधिकारों को प्रभावी ढंग से सक्रिय भूमिका निभाने का न्योता दिया। जिला प्रशासकीय परिसर में आज तिमाही समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिशनर ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समय की प्रमुख आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनकी देखभाल, सुरक्षा, उपचार, विकास और पुनर्वास से जुड़े मामलों को निपटाने की अंतिम अथारिटी है।
डिप्टी कमिशनर ने बाल कल्याण समिति की प्रगति की समीक्षा करने के बाद अधिकारियों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अलग शैल्टर होम स्थापित करने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की उचित देखभाल की जा सके। उन्होंने बाल कल्याण योजनाओं में गैर सरकारी संगठनों की अधिक से अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए अधिकारियों को प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान डिप्टी कमिशनर को बताया गया कि बाल कल्याण समिति द्वारा पिछली तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2022 के दौरान बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास, संरक्षण और आश्रय से संबंधित कुल 38 मामलों का निपटारा किया गया है, जबकि 33 मामले पहले से लंबित है। जिनकी नियमित सुनवाई की जा रही है। बैठक के दौरान गोद लेने के मामलों पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय भारती, सीडब्ल्यूसी. चेयरमैन जे के गुलाटी, लीगल प्रोबेशन अधिकारी संदीप कुमार, डीआईओ डा. राकेश चोपड़ा, डीएसपी हरजीत सिंह, समिति के सदस्य, समाजसेवी और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे ।

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