June 22, 2026

Jalandhar Breeze

Hindi Newspaper

बागवानी कलस्टलर विकास कार्यक्रम से किसानों को होगा फायदा, केंद्रीय कृषि मंत्री ने ली बैठक

Share news

जालंधर ब्रीज: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम (सीडीपी) तैयार किया है, जिसके समुचित क्रियान्वयन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने वर्चुअल भाग लिया। बैठक में तोमर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना व किसानों को उपज के वाजिब दाम दिलाते हुए उनकी आय बढ़ाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है, इसलिए किसी भी कार्यक्रम/योजना के केंद्र में किसानों का हित सर्वोपरि होना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि देश में बागवानी के समग्र विकास पर कलस्‍टर विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन की मदद से ध्यान केंद्रित किया जाएगा व इस बात पर जोर दिया जाएगा कि किसान इस कार्यक्रम से लाभान्वित हों। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, मिजोरम, झारखंड, उत्तराखंड आदि राज्यों को भी उनकी केंद्रित/मुख्य फसल के साथ चिन्हित किए गए 55 कलस्‍टरों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। तोमर ने कहा कि पहचान किए गए समूहों के भीतर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से जुड़े संस्थानों के पास उपलब्ध भूमि का उपयोग इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को फसल विविधीकरण तथा उपज बिक्री के लिए बाजार से लिंक करने तथा क्षमतावर्धन पर भी जोर दिया।

राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम के तहत छोटे व सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाने, खेतों में लागू की जाने वाली गतिविधियों का पता लगाने, निगरानी उद्देश्य के लिए बुनियादी ढांचे की जियो टैगिंग आदि की जरूरत है।

बैठक में बताया गया कि क्लस्टर विकास कार्यक्रम में बागवानी उत्पादों की कुशल और समय पर निकासी तथा परिवहन के लिए मल्टीमॉडल परिवहन के उपयोग के साथ अंतिम-मील संपर्कता का निर्माण करके समग्र बागवानी पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की एक बड़ी क्षमता है। सीडीपी अर्थव्यवस्था में सहायक होने के साथ ही क्लस्टर-विशिष्ट ब्रांड भी बनाएगा ताकि उन्हें राष्ट्रीय व वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में शामिल किया जा सकें, जिससे किसानों को अधिक पारिश्रमिक मिल सके। सीडीपी से लगभग 10 लाख किसानों और मूल्य श्रृंखला के संबंधित हितधारकों को लाभ होगा। सीडीपी का लक्ष्य लक्षित फसलों के निर्यातों में लगभग 20% का सुधार करना तथा क्लस्टर फसलों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए क्लस्टर-विशिष्ट ब्रांड बनाना है। सीडीपी के माध्यम से बागवानी क्षेत्र में काफी निवेश भी आ सकेगा।

बैठक के दौरान क्लस्टरवार 12 ब्रोशर, जिनमें केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर द्वारा शुभारंभ की गई प्रासंगिक सरकारी योजनाओं/कार्यक्रमों के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के अवसरों का विवरण शामिल है और जिनमें केंद्रित फसल, संभावित मूल्य संवर्धन, निर्यात गंतव्यों के बारे में संक्षिप्त जानकारी शामिल है, का विमोचन किया गया।

केंद्रीय कृषि सचिव मनोज अहूजा, संयुक्त सचिव प्रिय रंजन, बागवानी आयुक्त प्रभात कुमार सहित कृषि मंत्रालय और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।


Share news

You may have missed