जालंधर ब्रीज: पंजाब पुलिस ने आज रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले के मामले को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है जिसमें कैनेडा आधारित गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लंडा मास्टरमाईंड के तौर पर सामने आया है, जिसने सोमवार शाम को मोहाली में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस हैडक्वाटर पर आतंकवादी हमला करवाने के लिए आरपीजी, एके-47 और लॉजिस्टिक सहायता के लिए अपराधियों का स्थानीय नैटवर्क प्रदान किया था।
लंडा (33), जो कि तरन तारन का निवासी है और 2017 में कैनेडा भाग गया था, पाकिस्तान आधारित वांछित गैंगस्टर हरविन्दर सिंह उर्फ रिन्दा का नज़दीकी साथी है। बताने योग्य है कि रिन्दा बब्बर खालसा इंटरनैशनल (बीकेआई) में शामिल हो गया था।
डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डी.जी.पी.) पंजाब वी.के. भावरा ने यहाँ पंजाब पुलिस हैडक्वाटर में एक प्रैस कान्फ़्रेंस को संबोधन करते हुये कहा कि पुलिस ने हमले की योजना बनाने और हमलावरों को स्थानीय लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने वाले 6व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया है।
गिरफ़्तार किये गए व्यक्तियों की पहचान निशान सिंह निवासी गाँव कुल्ला, भिक्खीविंड, तरन तारन ; एसएएस नगर के सैक्टर 85 स्थित वेव एस्टेट के रहने वाले जगदीप सिंह कंग ; अमृतसर के गुमटाला के कंवरजीत सिंह उर्फ कँवर बाठ (40); बलजिन्दर सिंह उर्फ रैंबो (41) वासी पट्टी, तरन तारन ; बलजीत कौर उर्फ सुखी (50) निवासी कोट खालसा, अमृतसर और अनन्त दीप सिंह उर्फ सोनू (32) निवासी गुरू नानक कालोनी, अमृतसर के तौर पर हुई है। उन्होंने आगे बताया कि इनके पास से दो कारें बरामद की गई हैं जिनमें एस.यू.वी टोयोटा फॉर्च्यूनर और हैचबैक मारुति स्विफ्ट शामिल है। पुलिस ने हाल ही में आरपीजी की स्लीव भी बरामद की थी।
ज़िक्रयोग्य है कि निशान को फरीदकोट पुलिस ने 11 मई, 2022 को आर्मज़ एक्ट केस में गिरफ़्तार किया था और वह 16 मई, 2022 तक पुलिस रिमांड पर है।
डीजीपी, जिनके साथ एडीजीपी अंदरूनी सुरक्षा आर.ऐन. ढोके और मोहाली के एसएसपी विवेक शील सोनी भी थे, ने बताया कि लंडा ने इंटेलिजेंस हैडक्वाटर पर आरपीजी हमला करने के लिए निशान और उसके एक अन्य साथी जिसकी पहचान चढ़त सिंह निवासी खेमकरन के तौर पर हुई है, की मदद के लिए और स्थानीय निवासी होने के नाते जगदीप ने सोमवार प्रातःकाल इंटेलिजेंस दफ़्तर की रेकी करने में चढ़त सिंह की मदद की थी। उन्होंने आगे बताया कि सोमवार शाम को चढ़त और उसके दो सहयोगियों, जिनकी अभी पहचान नहीं हो सकी, ने लगभग शाम 7.42 बजे इंटेलिजेंस हैडक्वाटर पर आरपीजी हमला किया था।
डीजीपी भावरा ने बताया कि पहले चढ़त सिंह ने दो हमलावरों को छुपने के लिये जगह मुहैया करवायी थी और बाद में उनको निशान के हवाले कर दिया था, जिसने 27 अप्रैल, 2022 से 7मई, 2022 तक अमृतसर में कंवरजीत बाठ और बलजीत कौर की रिहायश पर उनके छिपने का प्रबंध किया था। उन्होंने आगे बताया कि निशान ने लंडा के निर्देशों पर कुल्ला -पट्टी रोड पर निर्धारित स्थान से आरपीजी भी प्राप्त की थी।
उन्होंने बताया कि बलजिन्दर रैंबो, जो कि ऐन.डी.पी.ऐस. मामलों में पकड़ा गया था और नशे का आदी है, ने निशान के निर्देशों पर चढ़त और उसके दो साथियों को ए.के. -47 की खेप पहुंचायी थी। उन्होंने आगे बताया कि अनंत दीप, जो कि निशान का जीजा है, लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने में मदद करता था।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस की तरफ से चढ़त सिंह, जो कत्ल केस में उम्र कैद की सजा काट रहा है और इस समय पैरोल पर है, और उसके दो साथियों को गिरफ़्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही तीनों हमलावरों को गिरफ़्तार कर लिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने बिहार के ज़िला उड़ीया के रहने वाले मुहम्मद नसीम आलम और मुहम्मद शराफ राज को नोयडा से पूछताछ के लिए लेकर आयी है क्योंकि वह दोनों अज्ञात हमलावरों के संपर्क में पाये गए हैं।
बताने योग्य है कि एफआईआर नंबर 236 तारीख़ 09.05.2022 को आइपीसी की धारा 307 और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) एक्ट और विस्फोटक पदार्थ एक्ट की सम्बन्धित धाराओं के अंतर्गत ऐस.ए.ऐस.नगर के थाना सोहाना में पहले ही मामला दर्ज किया गया है।

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