जालंधर ब्रीज: पंजाब के सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. राज कुमार वेरका ने अनुसूचित जाति और पिछड़ी श्रेणियों के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है। आज यहाँ स्थानीय राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. वेरका ने कहा कि प्रत्येक को सामाजिक न्याय मुहैया करवाना पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य है और वह इस मामले के सम्बन्ध में दफ़्तरी काम-काज में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बैठक के दौरान अनुसूचित जाति और पिछड़ी श्रेणियों के कर्मचारियों के सम्बन्ध में उठाए गए मुद्दों का जायज़ा लेते हुए डॉ. वेरका ने सरकारी नियमों के अनुसार हरेक कर्मचारी को न्याय मुहैया करवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए और उन्होंने हरेक व्यक्ति के हितों को ध्यान में रखने के लिए भी कहा।
इस दौरान अनुसूचित जाति और पिछड़ी श्रेणियों के कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि पी.सी.एस. रजिस्टर ए-1, रजिस्टर ए-11, रजिस्टर ए-111 और रजिस्टर सी की भर्ती के दौरान पंजाब राज्य अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी श्रेणियां अधिनियम (सेवा में आरक्षण) 2006 की पालना नहीं की जा रही और पंजाब सिविल सर्विस्ज़ (कार्यकारी शाखा) की भर्ती के मामले में इस अधिनियम को अनदेखा किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में डॉ. वेरका ने अधिकारियों को राज्य सरकार के नियमों को तुरंत लागू करने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ए. वेनू प्रसाद, प्रिंसीपल सचिव सामाजिक न्याय, राजी पी. श्रीवास्तव, प्रिंसीपल सचिव विकास प्रताप, सचिव कर नीलकंठ एस. अवहद, डायरैक्टर पंचायत मनप्रीत छतवाल, डायरैक्टर एस.सी. सब प्लान राज बहादुर सिंह उपस्थित थे।

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