जालंधर ब्रीज: पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए शुरू की गई मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक महिला, उसके पति और भाई समेत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार करके नाजायज हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
पुलिस टीमों ने इन आरोपियों के कब्जे में से 10.030 किलो हेरोइन, दो आधुनिक असॉल्ट राइफलें—जिनमें एक एके-47 और एक एके-56 शामिल हैं—समेत तीन मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान संदीप सिंह (32) और उसकी पत्नी कमलजीत कौर (31), दोनों निवासी गांव बराड़, अमृतसर ग्रामीण तथा कमलजीत के भाई बिक्रमजीत सिंह (23), निवासी गांव घुमाणपुरा, अमृतसर ग्रामीण के तौर पर हुई है। आरोपी संदीप सिंह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि के तहत चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों के साथ संबंध थे और वे नाजायज हथियार तथा नशीले पदार्थ मंगवाकर राज्य में आगे सप्लाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले के आगे-पीछे के सभी संबंधों का पर्दाफाश करने और इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुख्ता सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना घरिंडा की पुलिस टीमों ने एक लक्षित कार्रवाई के तहत तीनों आरोपियों को नशे और असॉल्ट हथियारों की खेप समेत काबू कर लिया।
आईजीपी गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान एक अनोखा तरीका सामने आया है, जिसके तहत आरोपियों ने भारत-पाकिस्तान सीमा की कंटीली तार से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित गांव मोधे में एक एकड़ अमरूदों के बाग वाले खेत को ठेके पर लिया हुआ था। उन्होंने बताया कि आरोपी इस बाग का इस्तेमाल सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराई जाने वाली नशे और हथियारों की खेपें हासिल करने के लिए कर रहे थे।
सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) अमृतसर ग्रामीण कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि जहां आरोपी संदीप और उसकी पत्नी कमलजीत कौर संयुक्त रूप से सीमा पार से तस्करी के कामकाज को संभाल रहे थे, वहीं उसका भाई बिक्रमजीत सिंह खेपों को उठाने, ले जाने और आगे पहुंचाने में मदद कर रहा था।
इस संबंध में थाना घरिंडा, अमृतसर ग्रामीण में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 23, 29 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 420 दिनांक 25.09.2026 दर्ज की गई है।

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