जालंधर ब्रीज: भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को भाखड़ा बांधों से हरियाणा को अगले आठ दिनों तक रोजाना 4,500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ने के निर्णय ये विवाद पर भारतीय जनता पार्टी पंजाब प्रदेश के स्पष्टता स्टैंड ने पैदा हुए जल विवाद पर अपनाई गई नीतिगत रणनीति को स्पष्ट कर दिया है,भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि भाजपा के खिलाफ किये जा रहे राजनीतिक दुष्प्रचार का सर्वदलीय बैठक में जल विवाद पर अपना रुख़ स्पष्ट कर दिया है। राजनीतिक फ़ायदे के लिए पंजाब में राजनैतिक पार्टियां रोटी सेकने का काम करती है पर पंजाब के मुद्दों पर अपना ढील-मूल रवैया अपनाते हैं।
भाजपा नेता सरदार कैंथ ने बताया कि भाखड़ा, पोंग और रंजीत सागर बांधों से जल वितरण की देखरेख करने वाले बीबीएमबी का गठन पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत किया गया था। बीबीएमबी का प्राथमिक कार्य पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को पानी और बिजली की आपूर्ति को विनियमित करना है। इससे पहले कभी भी ऐसा गतिरोध नहीं हुआ है और बीबीएमबी में काम कर चुके तजुर्बेकार पुराने लोगों ने कहा कि अतीत में कई मौकों पर मतभेद हुए थे और मामलों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया जाता था।पर अब इस मुद्दे पर चर्चा की बजाय राजनीति की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 79 और धारा 80 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय, बीबीएमबी का नेतृत्व एक चेयरमैन करता है और इसके दो पूर्णकालिक सदस्य हैं, जिन्हें सदस्य (सिंचाई) के रूप में नामित किया गया है, जो मिसाल के तौर पर हरियाणा से आते हैं और एक सदस्य (बिजली) पंजाब से हैं। कश्मीर के पहलगांव के बैसरन घाटी में आतंकवादी हमले में 28 भारतीय नागरिकों की हत्याएं के बाद भारत ने सिन्धु जल समझौता को अपने ओर से निलंबित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गये हाल ही में सिंधु जल समझौता तोड़ने जैसे फैसलों से पंजाब को बहुत फ़ायदा मिलने वाला है क्योंकि जल विवाद जैसी कोई समस्या ही नहीं रहेगी।

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