जालंधर ब्रीज: मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से अगले स्वतंत्रता दिवस तक पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के प्रण लेने से तीन दिन बाद, शुक्रवार को विशेष डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस ( विशेष डीजीपी) लॉ एंड आर्डर अर्पित शुक्ला ने सीमा सुरक्षा बल ( बीएसएफ) के साथ मिल कर नशों की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने और सरहद पार से नशा तस्करी के नये तरीके के तौर पर सामने आए ड्रोन ऑपरेशनों से निपटने के लिए एक उचित रणनीति तैयार की।

विशेष डीजीपी की तरफ से आई. जी फ़्रंटियर हैडक्वाटर, बीएसएफ जालंधर डाः अतुल फुलज़ले के साथ बीएसएफ जालंधर के फ़्रंटियर हैडक्वाटर में बीएसएफ, पंजाब पुलिस, नारकोटिकस कंट्रोल ब्यूरो ( ऐनसीबी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सीनियर आधिकारियों के साथ एक सांझी तालमेल-कम-रिविऊ मीटिंग की गई जिससे सरहद पार से होती तस्करी को रोकने के लिए राज्य की सरहद पर सुरक्षा को और मज़बूत किया जा सके। मीटिंग में आईजीपी लॉ एंड आर्डर प्रदीप यादव, डीआईजी फ़िरोज़पुर रेंज रणजीत सिंह ढिल्लों और बीएसएफ के छह डीआईजीज़ समेत अन्य सीनियर अधिकारी उपस्थित थे।
बीएसएफ और पंजाब पुलिस के दरमियान पूर्ण तालमेल और टीम वर्क का न्योता देते हुए, ऐसपीऐल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने कहा कि यह सही समय है कि दोनों सुरक्षा बल एकजुट हों और एक टीम के तौर पर काम करें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुरक्षा की दूसरी लाईन को और मज़बूत करने और नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध चौकसी रखने के लिए सरहदी क्षेत्रों में कलोज़ड सर्कट टैलिविज़न ( सीसीटीवी) कैमरे लगाने के लिए पहले ही 20 करोड़ रुपए मंज़ूर किये जा चुके हैं और कैमरे लगाने का काम ज़ोरों पर जारी है।
उन्होंने कहा कि इसके इलावा पुलिस थानों समेत पुलिस के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए 10 करोड़ रुपए ख़र्च किये जा रहे हैं, जबकि बार्डर पुलिस को फ़ाल्तू पुलिस बल और वाहन भी मुहैया करवाए जा रहे हैं।
ज़िक्रयोग्य है कि डीजीपी पंजाब गौरव यादव की तरफ से ड्रोन गतिविधियों के बारे सूचना देने और उपरांत नशों और हथियारों की बरमादगी होने की सूरत में सूचना देने वालों को 1 लाख रुपए का इनाम पहले ही घोषित किया हुआ है।
स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने डीआईजी बार्डर रेंज और डीआईजी फ़िरोज़पुर रेंज को सरहदी जिलों के ऐसऐसपीज़ और अन्य गज़टिड रैंक के अधिकारियों को लोगों में पुलिस का भरोसा बढ़ाने के हिस्से के तौर पर महीने में कम से कम एक या दो बार सरहदी गाँवों में रात की ठहर को यकीनी बनाने के लिए ताकिद की।
उन्होंने सीपीज़/ ऐसऐसपीज़ को व्यापारिक मात्रा में नशों समेत पकड़े गए बड़े नार्को समग्गलरों की जायदादों की शिनाख़त करके उनको ज़ब्त करने के भी निर्देश दिए। इस साल पंजाब पुलिस की तरफ से 12.99 करोड़ रुपए की 30 जायदादें ज़ब्त की गई हैं।
उन्होंने सरहदी गाँवों को माडल गाँवों में तबदील करने के लिए सिविक एक्शन प्रोग्राम लागू करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया, जिसमें बुनियादी ढांचा, शिक्षा, यातायात, संचार आदि की सहूलतों को अपग्रेड करना शामिल है। उन्होंने कहा कि हमें गाँवों में पार्क और मैदान बनाने चाहिएं जिससे नौजवानों की ऊर्जा को सही दिशा दी जा सके।
इस दौरान विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों को माइनिंग माफिया पर शिकंजा कसने और ग़ैर कानूनी माइनिंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

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