जालंधर ब्रीज: चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री पंजाब श्री ओ.पी. सोनी ने कहा कि कोविड-19 महामारी और इसके परिणामस्वरूप पैदा हुए स्वास्थ्य संकट संबंधी पंजाब सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया रणनीतिक और योजनाबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संबंधी जानकारी के प्रसार के लिए ढांचागत रूप से राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संबंधी राज्य सरकार के सलाहकार प्रोफ़ैसर के.के. तलवाड़ के मार्गदर्शन के साथ एक रणनीति तैयार की गई।
इस प्रणाली पर काम करते हुए राज्य सरकार द्वारा 27 मार्च से लेकर 4 जून तक लॉकडाउन के समय के दौरान 19 ऑनलाइन सत्र आयोजित किए गए। सत्र आयोजित 1914 डॉक्टरी पेशेवरों के साथ करवाए गए, जिनमें कोविड देखभाल सेवाओं के साथ चिकित्सा माहिर और अनेस्थैटिस्ट्स जो कम से मघ्यम दर्जे के बीमार कविड-19 मरीज़ों की देखभाल कर रहे हैं और मैडीकल कॉलेजों की फेकल्टी के साथ एवं गंभीर स्थिति के कोविड-19 मरीज़ों की देखभाल कर रहे अन्य क्रिटिकल कैरियर माहिर शामिल थे। पंजाब के विभिन्न मैडीकल कॉलेजों के डॉक्टरों और फेकल्टी को एक ई-प्लेटफॉर्म पर लाया गया, जिनमें इस मामले पर महत्वपूर्ण अनुभ्व वाले एम्स, पीजीआई, अमरीका, यूके और इटली के माहिर भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रबंधकों को भी इस समूह का एक हिस्सा बनाया गया था, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिचालन चुनौतियों को सीधे तौर पर फ़ैसले लेने वालों द्वारा पहुंचाईं या हल की जाएँ। इस प्लेटफॉर्म पर प्लाज़्मा और स्टीरौयड के प्रयोग जैसे अनुसंधान परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं।
श्री सोनी ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के प्रयोग से इस प्रणाली सम्बन्धी सुविधाओं के प्रबंधन के लिए प्रोटोकॉलों संबंधी भी विचार-विमर्श किया गया और इनको तैयार किया गया। यह वर्णनयोग्य है कि पंजाब के मैडीकल कॉलेज महामारी से निपटने के लिए एकजुटता के साथ जुड़े समूह के तौर पर काम कर रहे हैं और टीम वर्कर इन मरीज़ों की देखभाल को यकीनी बनाने के लिए कारगर सिद्ध हुए हैं और पंजाब के बहुत से लोगों की जान बचाई गई है।

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