जालंधर ब्रीज: डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने सोमवार को कहा कि पंजाब सरकार के आदेशों अनुसार जरूरतमंद बच्चों को उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए मुफ़्त रिहायश, भोजन, शिक्षा और डाक्टरी सुविधाएं प्रदान करने वाले किसी भी ग़ैर -सरकारी संगठन (एनजीओ) की रजिस्ट्रेशन जरूरी है।
थोरी ने कहा कि इन संगठनों को जुवेनाईल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन) एक्ट, 2015 की धारा 41 (1) के अंतर्गत अपना नाम दर्ज करवाना ज़रूरी है।
उन्होनें कहा कि यदि कोई एनजीओ बच्चों की देखभाल और सुरक्षा का काम कर रही है और अभी तक रजिस्टर्ड नहीं हुई है तो रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 31 दिसंबर से पहले सम्बन्धित दस्तावेज़ों के साथ तुरंत ज़िला प्रोगराम अधिकारी या ज़िला बाल विकास अधिकारी के पास उन के दफ़्तर कपूरथला चौक में संपर्क कर सकती है।
उन्होनें कहा कि यदि कोई ग़ैर -रजिस्टर्ड संगठन निर्धारित तारीख़ के बाद बगैर रजिस्ट्रेशन काम करता पाया गया तो उस संगठन विरुद्ध जुवेनाईल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन) एक्ट, 2015 की धारा 42 के अंतर्गत सख़्त कार्यवाही की जायेगी।

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