September 30, 2026

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भाजपा सरकार बनी तो 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब होगा नशामुक्त : अमित शाह

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पंजाब को नशामुक्त करने के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा : अमित शाह

जालंधर में पंजाब भाजपा की ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन अवसर पर ऐतिहासिक रैली

जालंधर ब्रीज: भारतीय जनता पार्टी पंजाब का आगामी विधानसभा चुनाव राज्य को नशामुक्त करने के मुद्दे पर लड़ेगी और भाजपा सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 से पहले राज्य को नशामुक्त करेगी। यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर के परागपुर में भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा के समापन अवसर पर आयोजित विशाल रैली को संबोधित करते हुए की। इस अवसर पर पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, अश्वनी शर्मा, विजय सांपला, श्वेत मलिक, अविनाश राय खन्ना, मनोरंजन कालिया, सुनील जाखड़, परनीत कौर और सुशील कुमार रिंकू ने भी संबोधित किया।

नशामुक्ति के लिए तय की डेडलाइन

शाह ने कहा कि पंजाब में किसानों, महिलाओं, युवाओं, उद्योग और खराब आर्थिक स्थिति से जुड़े कई मुद्दे हैं, लेकिन भाजपा नशामुक्त पंजाब के मुद्दे पर चुनाव लड़ने जा रही है। उन्होंने कहा कि वह पंजाब की महिलाओं और युवाओं से वादा करते हैं कि 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को नशे से मुक्त कर देंगे। इसी उद्देश्य से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 18 सितंबर को पठानकोट से यात्रा शुरू की थी, जो 13 दिनों में चार हजार किलोमीटर का सफर तय करके यहां पहुंची है।

अमित शाह ने कहा कि नशे के बारे में इस डेडलाइन को लेकर केजरीवाल एंड पार्टी क्या कहने वाली है, यह उन्हें पता है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने जो कहा, वह करके दिखाया है। कश्मीर से धारा 370, उत्तर-पूर्व के आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने के बाद अब बारी पंजाब को चिट्टा मुक्त करने की है। उन्होंने कहा कि मैं पंजाब की महिलाओं और युवाओं से यह वादा करता हूं कि 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में कोई चिट्टा उपलब्ध कराने वाला नहीं बचेगा और भाजपा इन्हें जेलों में डालेगी।

भगवंत मान से आंकड़ों के जरिए सवाल

शाह ने दावा किया कि केंद्र में कांग्रेस के (2004-2014) दस साल के शासन के दौरान चिट्टा पकड़ने के 26 लाख मामले बने थे, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार (2014 से 2024) के दौरान 1 करोड़ 20 लाख मामले पकड़े गए।

अमित शाह ने आंकड़े गिनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत में एक नशा विरोधी विशेष कानून (एनडीपीएस एक्ट) के तहत पांच हजार लोगों को सजा देकर जेल भेजा गया और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और गैर-कानूनी संपत्ति जब्त किए। लेकिन पंजाब में एक भी व्यक्ति को इस कानून के तहत सजा नहीं हुई। क्या इसका जवाब मुख्यमंत्री भगवंत मान दे सकते हैं? उन्होंने पूछा कि पंजाब सरकार एन-कोर्ट की बैठकों में दो साल से शामिल क्यों नहीं हुई?

पंजाब को बचाने की लड़ाई

उन्होंने कहा कि भाजपा की ’ मावां मंगदियां हिसाब’ मुहिम के तहत वह नशे के कारण अपने बेटों को गंवा चुकी माताओं से मिले हैं। नशे के कारण दो बेटे गंवा चुकी एक मां ने उनसे कहा, ’मेरे बेटे तो चले गए, किसी और के बेटे न जाएं, इसलिए चिट्टा खत्म कर दीजिए।’

अमित शाह ने कहा कि हमारे लिए नशामुक्त पंजाब की लड़ाई किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए नहीं, बल्कि इसे बचाने के लिए है। राज्य का तब तक विकास नहीं हो सकता, जब तक यह नशामुक्त नहीं होता। यह हमारी पीढ़ियों को तबाह कर रहा है। उन्होंने वादा किया कि पंजाब में न तो एक ग्राम नशा बेचने दिया जाएगा और न ही नशे की एक ग्राम मात्रा यहां से बाहर जाने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित सभी पार्टियों को देख लिया है, लेकिन कोई भी पंजाब को नशामुक्त नहीं कर सका। उन्होंने जनता से अपील की कि वे पंजाब को नशामुक्त करने के लिए भाजपा की सरकार बनाएं।

अमित शाह ने कहा कि पंजाब गुरुओं, संतों और महान शहीदों की धरती है। देश की आजादी से लेकर भारत की सुरक्षा तक पंजाबियों ने सबसे बड़े बलिदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान कभी अन्न के भंडार और देश की सुरक्षा से होती थी, लेकिन आज नशा पंजाब के युवाओं और परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

आम आदमी पार्टी ने की वादाखिलाफी

अमित शाह ने आम आदमी पार्टी सरकार पर एक और राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि उन्होंने कोई वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि 16 मेडिकल कॉलेज खोलने, 23 फसलों पर एमएसपी देने, माइनिंग आय और दिल्ली के सिख विरोधी नरसंहार के पीड़ित परिवारों की मदद के वादे किए गए थे, लेकिन कोई भी पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि भगवंत मान पंजाब को नशामुक्त कर देते तो लोग शायद उन्हें माफ कर सकते थे। उन्होंने दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए सवाल किया कि जो लोग शराब घोटालों से जुड़े रहे हैं, वे नशामुक्त पंजाब कैसे बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशे से मुक्त करने का संकल्प केवल वादा नहीं, बल्कि भाजपा की प्रतिबद्धता है। उन्होंने पंजाब की माताओं, बहनों और युवाओं से इस मुहिम में सहयोग देकर पंजाब में भाजपा की सरकार बनाने का आह्वान किया, ताकि पंजाब को नशामुक्त किया जा सके।

पंजाब में नशे की समस्या के लिए सरकार जिम्मेदार : केवल सिंह ढिल्लों

इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या के लिए राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान और केजरीवाल जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार नशे की समस्या खत्म नहीं कर सकी, जिसके कारण राज्य की जवानी का विनाश हुआ। इन्होंने पंजाब को बर्बाद करके रख दिया है।

ढिल्लों ने कहा कि नशे के कारण राज्य में गैंगस्टर जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। पंजाब से नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने और युवाओं को रोजगार देने की जरूरत है, ताकि पंजाब फिर से खड़ा हो सके।

राज्य सरकार के खराब प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए ढिल्लों ने कहा कि आज पंजाब में किसान, युवा और मुलाजिमों सहित हर वर्ग दुखी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही पंजाब से नशा खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश की भाजपा सरकार ने जो भी संकल्प लिया, उसे समय पर पूरा किया है। ढिल्लों ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा पंजाब से नशा खत्म करेगी और पंजाब को फिर से नंबर वन राज्य बनाएगी।

इस अवसर पर तरुण चुघ, संदीप पाठक, राघव चड्ढा, सतनाम सिंह संधू, अशोक कुमार मित्तल, विक्रम सिंह साहनी और हरभजन सिंह (सभी राज्यसभा सदस्य), अनिल सरीन, मनप्रीत सिंह बादल, मनोरंजन कालिया, इकबाल सिंह लालपुरा, राणा गुरमीत सिंह सोढी, सोम प्रकाश, मनजिंदर सिंह सिरसा, रवनीत सिंह बिट्टू, विनीत जोशी, दिनेश बब्बू, जीवन गर्ग, अमनजोत कौर, चरणजीत सिंह अटवाल सहित पंजाब भाजपा के नेता और राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।


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