August 11, 2026

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मंत्रीमंडल द्वारा गाँवों में लाल लकीर के अंदर सम्पत्ति के अधिकार देने के लिए नये नियमों को हरी झंडी

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जालंधर ब्रीज: गावों में लाल लकीर के अंदर आने वाली सम्पत्तियों के अधिकारों को संकलित करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने ‘दी आबादी देह (रिकार्ड ऑफ राइट्स) नियम-2021 को मंजूरी दे दी है जिससे इन सम्पत्तियों संबंधी पैदा होने वाले झगड़ों को निपटाया जा सके। मंत्रीमंडल ने लीगल रिमेंबरेंसर के मसौदे को मंजूरी देने के उपरांत इसको अंतिम मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। 

इसका उद्देश्य पंजाब सरकार द्वारा स्वामित्व स्कीम अधीन भारत सरकार के सहयोग से गाँवों में लाल लकीर के अंदर आती सम्पत्तियों का रिकार्ड तैयार करने में सहायता करना है ताकी ‘लाल लकीर मिशन’ को लागू किया जा सके। यह नियम गाँवों में बसते लोगों को सम्पत्तियों के मुद्रीकरण के अधिकार प्रदान करने और सरकारी विभागों /संस्थानों और बैंकों द्वारा मुहैया करवाए जाते विभिन्न लाभों का फ़ायदा लेने में सहायक होंगे। स्वामित्व स्कीम में लाल लकीम के अंदर आने वाली ज़मीनों, मकानों और बस्ती आदि की सीमारेखा और जुगतबंदी करने की व्यवस्था है।

पंजाब आबादी देह (रिकार्ड ऑफ राइट्स) एक्ट-2021 बनाया जा चुका है जो सर्वेक्षण अनुसार तैयार किये स्वामित्व के रिकार्ड को एक कानूनी आधार मुहैया करवाएगा। यह कानून आपत्तियों, झगड़ों को निपटाने, रिकॉर्ड तैयार करने या उसमें संशोधन करने और एक बार तैयार हुए रिकार्ड को कृषि भूमि के रिकार्ड के बराबर कानूनी मान्यता प्रदान करेगा।पंजाब में कृषि भूमि का बंदोबस्त और मुरब्बाबन्दी करते समय गाँव की आबादी को लाल लकीर के अंदर रखा गया था। लाल लकीर के अंदर आए क्षेत्र की जमाबन्दियां या कोई रिकॉर्ड तैयार नहीं किया गया था।

लाल लकीर के अंदर किसी भी ज़मीन पर कब्ज़े को आधार मानते हुए मलकीयत दी गई थी, कुछ मामलों में चूल्हा टैक्स आदि के आधार पर रजिस्ट्रियाँ हो रही हैं, परन्तु ज़्यादातर मामलों में लाल लकीर में आने वाली सम्पत्ति की मलकीयत को अनौपचारिक समझौते के अनुसार मलकीयत तबदील की जाती है और कब्ज़े को मालिकाना आधार माना जाता है।जेलों में पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए सी.एल.यू. माफ करने का फैसलामंत्रीमंडल ने पंजाब जेल विकास बोर्ड अधीन राज्य में अलग-अलग जेलों में 12 स्थानों पर रिटेल आऊलेट (पेट्रोल, डीज़ल, सी.एन.जी. आदि) स्थापित करने के लिए सी.एल.यू. (ज़मीन के प्रयोग की तबदीली) माफ करने की मंजूरी दे दी है। इस फ़ैसले से रिटेल आऊटलेट स्थापित करने के लिए 48,77,258 करोड़ रुपए का सी.एल.यू. माफ होगा।

यह रिटेल आऊटलेट पटियाला, फरीदकोट, फ़िरोज़पुर, अमृतसर, लुधियाना, होशियारपुर और गुरदासपुर की केंद्रीय जेल, संगरूर और रोपड़ की ज़िला जेल, नाभा की नयी ज़िला जेल और ज़िला जेल और फाजिल्का की सब-जेल शामिल हैं।एस.ए.एस. नगर ज़िले में नये ब्लॉक को मंजूरीग्रामीण इलाकों में विभिन्न विकास गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान करने के लिए मंत्रीमंडल ने ज़िला एस.ए.नगर में नया ब्लॉक मोहाली की रचना को मंज़ूरी दे दी है।

इस ब्लॉक में माजरी ब्लॉक से 7 पंचायतों और खरड़ ब्लॉक से 66 पंचायतें शामिल होंगी। इस नये ब्लॉक से पंजाब में ब्लॉकों की कुल संख्या बढ़कर 153 हो जायेगी।वन एवं वन्य जीव विभाग की प्रशासनिक रिपोर्ट मंजूर मंत्रीमंडल ने साल 2016-17 और साल 2017-2018 के लिए वन एवं वन्य जीव विभाग की सालाना प्रशासनिक रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। 


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