जालंधर ब्रीज: विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को राज्य का अब तक का सबसे अक्षम मुख्यमंत्री बताया है, क्योंकि राज्य में आम आदमी पार्टी के शासन के दौरान मादक पदार्थों के ओवरडोज से मौतों में तेजी से वृद्धि हुई है।
एक खबर का हवाला देते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाब के दो और युवकों रायकोट के तरलोचन सिंह और पट्टी के सुरजीत सिंह की मौत अत्यधिक मात्रा में मादक पदार्थ के सेवन के कारण हुई है। जून में पंजाब के कई हिस्सों में 14 दिनों में ड्रग ओवरडोज से 14 मौतें हुई थीं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग ओवरडोज से होने वाली मौतों का ग्राफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। आप सरकार का बहुप्रचारित मादक पदार्थ विरोधी अभियान निश्चय भी राज्य में गति पकड़ने में विफल रहा है। बाजवा ने कहा कि पंजाब की आने वाली पीढ़ियां दांव पर हैं और पंजाब के गृह मंत्री के रूप में भगवंत मान को ड्रग के ओवरडोज से हुई मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाजवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि आप सरकार अंधेरे में डूबी हुई है और राज्य में मादक पदार्थ की बढ़ती समस्या पर काबू पाने के लिए उसके पास कोई मजबूत रणनीति नहीं है। ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार समय-समय पर नई डेडलाइन तय करती रहती है। पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा निर्धारित 15 अगस्त, 2024 की नवीनतम समय सीमा निकट आ रही है। वे निश्चित रूप से पंजाब के लोगों से झूठ बोलेंगे और स्वतंत्रता दिवस पर एक नई समय सीमा निर्धारित करेंगे।
उन्होंने कहा कि जेल मंत्री के रूप में, भगवंत मान भी जेल से ड्रग्स की तस्करी करने वाले गिरोहों को रोकने में विफल रहे थे। जेल अधिकारियों ने हाल ही में पंजाब की जेलों में बंद 200 कैदियों को बठिंडा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया है ताकि जेलों से चलाए जा रहे ड्रग रैकेट की जांच की जा सके। बाजवा ने पूछा कि आम आदमी पार्टी पंजाब की सभी जेलों को बठिंडा जेल की तरह सुरक्षित क्यों नहीं कर सकती।

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