जालंधर ब्रीज: रक्षा पेंशन वितरण कार्यालय (डीपीडीओ) चंडीगढ़ द्वारा ट्राइसिटी के रक्षा पेंशनभोगियों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से एक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 2.0 शुरू किया जा रहा है।
चंडीगढ़, पंचकुला, मोहाली के रक्षा पेंशनभोगी, जिनका जीवन प्रमाण पत्र नवंबर के महीने में जमा किया जाना है, वे आगामी 1 से 30 नवंबर, 2023 तक किसी भी निकटतम स्पर्श केंद्र यानी रक्षा पेंशन संवितरण कार्यालय सेक्टर 9 ए चंडीगढ़ और सेक्टर 21 चंडीगढ़, फेज-10 मोहाली और सेक्टर 4 पंचकुला में स्थित जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में चेहरे के प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन ) के माध्यम से पहचान के लिए जा सकते हैं।
पेंशनभोगियों को चेहरे की प्रामाणिकता (फेस ऑथेंटिकेशन) के माध्यम से डीएलसी के उपयोग के बारे में शिक्षित किया जाएगा और उनका जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जाएगा। रक्षा पेंशनभोगियों को अपने स्पर्श पीपीओ नंबर, बैंक पासबुक, आधार कार्ड और आधार से जुड़े मोबाइल फोन के दस्तावेजों के साथ उपरोक्त कार्यालयों में आना होगा।
यह अभ्यास पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) के तत्वावधान में शुरू की गई फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से डीएलसी के उपयोग के लिए सभी केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के बीच 1 से 30 नवंबर तक जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 2.0 का एक हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों द्वारा अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी और डीएलसी मोड के उपयोग को बढ़ावा देना है।
रक्षा मंत्रालय ने प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रकों (पीसीडीए) की देखरेख में रक्षा पेंशनभोगियों के लिए यह अभियान शुरू किया है।

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