March 10, 2026

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पंजाब में महिलाओं को निशाना बनाकर पैसे वसूलने वाले साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश; 3.49 लाख रुपये, 500 डॉलर समेत तीन गिरफ्तार

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जालंधर ब्रीज: पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सोशल मीडिया पर महिलाओं के नाम से फर्जी पहचान बनाकर अनजान लोगों से धोखाधड़ी करने और उनसे पैसे वसूलने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अभिषेक भार्गव, आकाश भार्गव उर्फ अमन और लक्की भार्गव के रूप में हुई है। ये तीनों राजस्थान के झुंझुनू के निवासी हैं और आपस में सगे भाई हैं। फिलहाल ये मोहाली के सेक्टर-70, एसएएस नगर(मोहाली) में रह रहे थे।

पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से 3.49 लाख रुपये नकद, 500 अमेरिकी डॉलर, 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक डोंगल, एक टैबलेट और मोबाइल फोन के 38 खाली डिब्बे बरामद किए हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बना रखे थे और इनके माध्यम से अपने टारगेट से संपर्क करते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी अपने टारगेट, खासकर महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए महिलाओं जैसी आवाज निकालने हेतु वॉयस-चेंजिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों के एआई द्वारा तैयार किए गए आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलते थे।

इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम वी. नीरजा ने बताया कि एक पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। पीड़िता के साथ वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगभग 3.10 लाख रुपये की ठगी की गई थी, जब वह कनाडा में रह रही थी।

उन्होंने बताया कि एसपी जसपिंदर सिंह की निगरानी में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के एसएचओ अमनदीप सिंह की अगुवाई में की गई जांच में पता चला कि रैकेट का सरगना आकाश भार्गव है, जिसने करीब दो साल पहले यह तरीका तैयार किया था। आरोपी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाते थे और कभी-कभी नकली धार्मिक गुरु या ज्योतिषी बनकर भी लोगों को ठगते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने इस तरीके से लगभग 40 लाख रुपये की ठगी की है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और साइबर धोखाधड़ी के अन्य पीड़ितों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 14 दिनांक 08.08.2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, मोहाली में दर्ज की गई है।

एडवाइजरी

स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा ने सलाह दी कि सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले लोग, खासकर महिलाएं, ऐसे ज्योतिषियों या अन्य व्यक्तियों से सावधान रहें जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सहानुभूति या मदद देने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि निजी जानकारी और विवरण किसी भी स्थिति में सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने चाहिए, क्योंकि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।

यदि कोई व्यक्ति फोटो या वीडियो सहित साझा की गई जानकारी का दुरुपयोग करने की धमकी देता है तो घबराने की जरूरत नहीं है और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए।

यदि गलती से ऐसे किसी खाते में पैसे ट्रांसफर हो गए हों, तो इसकी सूचना तुरंत 1930 पर दें ताकि संदिग्ध बैंक खाते में ट्रांसफर को लीन मार्क किया जा सके।


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