August 10, 2026

Jalandhar Breeze

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3 मई तक कफ्र्यू में कोई ढील नहीं और ना ही रमज़ान के लिए विशेष छूट

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जालंधर ब्रीज: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज गेहूँ की कोविड मुक्त खरीद प्रक्रिया को यकीनी बनाने से अलावा राज्य में 3 मई तक किसी किस्म की ढील देने को रद्द कर दिया है। 3 मई को स्थिति का एक बार फिर जायज़ा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को सभी जि़लों में कफ्र्यू की सख्ती से पालना करवाने के आदेश दिए।

इस सप्ताह शुरू हो रहे रमज़ान के अरसे के दौरान किसी भी किस्म की ढील या छूट ना दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रमज़ान के लिए लोगों को कोई भी विशेष कफ्र्यू पास जारी नहीं किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को आदेश दिए कि इस समय के दौरान किराना और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की दुकानों पर भीड़ एकत्रित न होने को यकीनी बनाने के अलावा देह से दूरी के नियमों की सख्ती से पालना करवाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने सिविल और पुलिस प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के साथ मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेने के उपरांत यह फ़ैसला लिया। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह फ़ैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देश में 20 अप्रैल से ग़ैर-सीमित वाले ऐलाने गए ज़ोनों के लिए ढील देने के पृष्टभूमि में महत्व को स्वीकार करता है।

हालाँकि ज़मीनी हकीकत संबंधी विचार-विमर्श करते हुए मुख्यमंत्री का दृढ़ विचार है कि उनकी सरकार द्वारा गेहूँ की कटाई और खरीद कार्यों के साथ-साथ विभिन्न औद्योगिक /भट्टे और निर्माण गतिविधियां, जहाँ प्रवासी मज़दूरों के रहने की व्यवस्था है, से सम्बन्धित पहले किए गए ऐलानों को छोडक़र कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए। मंडियों में सफ़ाई की स्थिति न होने की चिंताओं के मद्देनजऱ मुख्यमंत्री ने इन केन्द्रों के सेहत ऑडिट करने के आदेश दिए, जहाँ 1.85 लाख मीट्रिक टन गेहूँ जून तक आने की संभावना है, जब तक खरीद पूरी नहीं हो जाती। इस पर करीब 35,000 करोड़ रुपए का ख़र्च आएगा, जिसमें राज्य को केंद्र द्वारा सी.सी.एल. भुगतान के लिए मिले 26,000 करोड़ रुपए शामिल हैं।

इससे कोविड -19 के खि़लाफ़ लड़ाई प्रभावशाली ढग़ से लडऩे के लिए बड़ी मदद मिलेगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने साफ़ कर दिया कि इस समय सभी कोशिशें जि़ंदगी बचाने के लिए केंद्रित कर दी जानी चाहीए और कोविड -19 मुक्त माहौल में निर्विघ्न और सुचारू खरीद प्रबंध किए जाएँ। आने वाले समय के लिए कोई भी फ़ैसला 3 मई के बाद लिया जाएगा, जो कि उस समय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए बनाई गई माहिरों की कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

संभावना है कि यह कमेटी अपनी रिपोर्ट अगले हफ्ते देगी। इसी दौरान मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों द्वारा अपने-अपने जि़लों में कफ्र्यू को सख्ती से लागू करने के लिए अलग नोटीफिकेशन जारी किए जा रहे हैं। इन नोटीफिकेशनों के अनुसार आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खि़लाफ़ आपदा प्रबंधन कानून 2005 और आई.पी.सी. 1860 की सम्बन्धित धाराओं के अंतर्गत आपराधिक केस दर्ज किए जाएंगे।


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