जालंधर ब्रीज: चुनाव खर्च की सख्त निगरानी को यकीनी बनाने के उदेश्य से गठित विभिन्न टीमों को जिला प्रशासन की तरफ से मंगलवार को प्रशिक्षण प्रदान किया ताकि चुनाव दौरान उम्मीदवार के खर्च पर नजर रखी जा सके। इस प्रशिक्षण के दौरान खर्च निगरान सैल, लेखा दल के सदस्य, विधानसभा क्षेत्र स्तर के सहायक खर्च निगरान, मीडिया सर्टीफिकेशन के मानिटरिंग सैल, उड़न दस्ते वीडियो सरवीलैंस, स्टैटिरक सर्विलैंस एवं वीडियो देखने वाली टीम के सदस्यों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण सैशन की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर-कम- जिला चुनाव अधिकारी जसप्रीत सिंह ने कहा कि भारत चुनाव आयोग ने आगामी लोकसभा क्षेत्र जालंधर उपचुनाव के लिए प्रत्येक उम्मीदवार के लिए 95 लाख रुपये की खर्च सीमा निर्धारित की है, जिसके लिए खर्च निगरान दल के सभी सदस्यों को खर्च की गणना विधी से परिचित करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य टीम के सदस्यों को चुनाव खर्च की गणना के लिए अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी देना है ताकि चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों को ठीक से लागू किया जा सके।

जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सहायक खर्च निगरान की तैनाती के साथ ही उम्मीदवारो के खर्च पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सैल (डीईएमसी) का भी गठन किया गया है, जो 13 अप्रैल को नामांकन शुरू करने के साथ ही अपना काम शुरू कर देगा। उन्होंने अधिकारियों को अपनी डियूटी पूरी ईमानदारी से करने को कहा और आशा व्यक्त की कि इस प्रशिक्षण से संबंधित अधिकारियों को चुनाव के उचित संचालन के लिए अपने कर्तव्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
इस बीच, जिला नोडल अधिकारी (खर्च निगरान सैल)-कम-अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह और सहायक रिटर्निंग अधिकारी करतारपुर-कम-एसडीएम जालंधर-2 बलबीर राज सिंह ने टीमों को चुनाव खर्च की गणना के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि टीमों की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने उन्हें प्रत्येक वस्तु की दरों की सूची उपलब्ध करवाई है और इन टीमों की मदद के लिए फ्लाइंग स्क्वायड टीमें (एफएसटी), स्टैटिक सर्विलैंस टीम (एसएसटी), वीडियो सर्विलैंस टीमे (वीएसटी) और वीडियो देखने वाली टीमों का भी गठन प्रशासन द्वारा किया गया है। उन्होंने खर्च निगरान टीमों को चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शैडो रजिस्टर मैनटेन करने का आग्रह किया ताकि खर्च निगरान के निर्देशों पर वह इसे पेश करने से अवगत हो सके साथ ही नियमित अंतराल पर उम्मीदवारों के रजिस्टर का मिलान किया जा सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) वीरेंद्रपाल सिंह बाजवा, सभी एआरओ, लेखा टीमों, खर्च निगरान सैल के सदस्य, सहायक खर्च मॉनिटर, उड़न दस्ते, वीडियो निगरानी, स्टैटिक निगरान और वीडियो देखने वाली टीम, मीडिया सर्टिफिकेशन और निगरान सैल के सदस्य भी उपस्थित थे।


More Stories
रवनीत बिट्टू ने अमन अरोड़ा पर पलटवार करते हुए उनके दिवंगत पिता स्वर्गीय भगवान दास अरोड़ा की आत्महत्या में उनकी भूमिका पर उठाए सवाल
सीमा पार से हथियार तस्करी करने वाले मॉड्यूल से जुड़े पांच आरोपी 8 पिस्तौलों सहित गिरफ्तार
रवनीत बिट्टू ने नगर निगम चुनाव के दौरान पंजाब पुलिस का अपमान किया, पूरा पंजाब उनके व्यवहार की निंदा करता है: अमन अरोड़ा