जालंधर ब्रीज: वी.आई.पी. संस्कृति को ख़त्म करने और सुरक्षा मामलों को ध्यान में रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के लागू होने के बाद भी चल रहे पुराने रजिस्ट्रेशन नंबरों को बंद करने के हुक्म दिये हैं।मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्ट विभाग को कहा है कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 41 और इसके संदर्भ में धारा 217 के अंतर्गत ऐसे नंबरों वाले वाहन मालिकों को वैकल्पिक वैध नंबर जारी किये जाएँ।
इन नंबरों पर पड़ोसी राज्यों हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पहले ही पाबंदी लगाई जा चुकी है।सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वी.आई.पी. संस्कृति को उत्साहित करने के अलावा ये वाहन चालक पुराने नंबरों को स्टेटस सिंबल के तौर पर लेते थे और पुराने नंबरों का प्रयोग सरहदी राज्य पंजाब में सुरक्षा के लिए बड़ा ख़तरा था।
ऐसे कथित वी.आई.पी. नंबरों वाले वाहनों का प्रयोग अक्सर ही असामाजिक तत्वों द्वारा ग़ैर-कानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता था क्योंकि पुलिस द्वारा इन वाहनों की तलाशी नहीं ली जाती थी। इसके अलावा ऐसे रजिस्ट्रेशन नंबर वर्षों से कई वाहनों पर इस्तेमाल किए जाते थे। वी.आई.पीज़ को सुविधा देने के लिए पुराना रिकार्ड या तो खोजा नहीं जा सकता था या ख़त्म कर दिया गया था जिससे असली वाहन मालिकों की पहचान करने में मुश्किल आती थी।

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