भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए पंजाब एक डबल इंजन सरकार का हकदार है: डॉ. जितेंद्र सिंह
जालंधर ब्रीज: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विकसित भारत का दृष्टिकोण विकसित पंजाब के बिना अधूरा रहेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजाब का विकास भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग होना चाहिए।
संगरूर में भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में पूर्ण भागीदारी के लिए पंजाब एक “डबल इंजन सरकार” का हकदार है। उन्होंने विकासोन्मुख शासन, जवाबदेही तथा राज्य के सामने मौजूद नशे की समस्या, भ्रष्टाचार और अन्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में आयोजित यह बैठक 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का हिस्सा थी। इसके तहत सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक रूपरेखा तैयार करने की परिकल्पना की गई।
बैठक में उपस्थित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में पंजाब भाजपा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया, सह-प्रभारी वरिंदर सचदेवा और डॉ. अलका गुर्जर तथा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी तरुण चुघ सहित अन्य नेता शामिल थे।
बैठक में पंजाब की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति, किसानों की चिंताओं, नशे की समस्या, सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के लंबित बकाये, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और राज्य की आर्थिक स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक नेतृत्व के 25 वर्षों का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने इसे भारत की राजनीतिक और शासन व्यवस्था की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री के कार्यकाल और उसके बाद केंद्र सरकार का नेतृत्व करने के वर्षों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिर नेतृत्व ने भारत की वैश्विक स्थिति, राष्ट्रीय आत्मविश्वास और विकास संबंधी प्राथमिकताओं में बदलाव लाने में योगदान दिया है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि सहायता और स्वास्थ्य सुविधाओं को राज्य की विकास क्षमता के महत्वपूर्ण तत्वों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने पंजाब में 43,527 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजनाओं और 34,488 करोड़ रुपये के रेलवे निवेश का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने रेलवे स्टेशनों के उन्नयन का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उन्होंने पंजाब के लगभग 11 लाख किसानों को लाभार्थी बताया और कहा कि इस योजना के अंतर्गत 6,552 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। उन्होंने एम्स बठिंडा, मोहाली में टाटा मेमोरियल सेंटर की कैंसर उपचार सुविधा और राज्य में 565 जन औषधि केंद्रों का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और सस्ती दवाओं के महत्व पर जोर दिया।
मंत्री ने सिंचाई और बिजली उत्पादन के संदर्भ में शाहपुर कंडी परियोजना के बारे में बात करते हुए कहा कि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कृषि उत्पादकता और क्षेत्रीय विकास को समर्थन दे सकता है। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर, लंगर की वस्तुओं पर जीएसटी से छूट तथा सिख इतिहास और विरासत के स्मरण से जुड़ी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन उपायों को पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के संदर्भ में प्रस्तुत किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब को भारत के विकास में अधिक पूर्ण भागीदारी करने में सक्षम बनाने के लिए बेहतर संपर्क व्यवस्था, विश्वसनीय सिंचाई, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा और आर्थिक अवसर आवश्यक हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब की विकास संबंधी महत्वाकांक्षाओं के साथ प्रभावी शासन और जवाबदेही भी होनी चाहिए। उन्होंने नशे की समस्या, भ्रष्टाचार, अवैध खनन, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने तर्क दिया कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की आर्थिक संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए इन मुद्दों पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता है।
एक पुल को हुए नुकसान तथा निर्माण की गुणवत्ता और अवैध खनन से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अल्पकालिक लाभ नागरिकों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को खतरे में डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार प्रशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक हैं।
मंत्री ने पंजाब के युवाओं की बदलती आकांक्षाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने छोटे शहरों के उन विद्यार्थियों का उल्लेख किया जो प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यावसायिक शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित पंजाब के लिए बेहतर शैक्षिक अवसरों, उद्यमिता, रोजगार की संभावनाओं और ऐसे वातावरण की आवश्यकता होगी, जिसमें युवा अपना भविष्य बना सकें।
अपने संबोधन के समापन पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब के भविष्य को 2047 तक विकसित भारत की यात्रा के अभिन्न अंग के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने विकासोन्मुख शासन का आह्वान किया, जिसमें आर्थिक विकास के साथ जवाबदेही, सामाजिक प्रगति और पंजाब की विरासत के प्रति सम्मान शामिल हो।
डॉ. सिंह ने कहा, “विकसित भारत का दृष्टिकोण विकसित पंजाब के बिना अधूरा रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए पंजाब एक डबल इंजन सरकार का हकदार है।

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