June 23, 2026

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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले में सीबीआई ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को किया गिरफ्तार

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जालंधर ब्रीज: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा सरकार के धन के कथित गबन से जुड़े बहुचर्चित मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 को गिरफ्तार किया। उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई के अनुसार पंकज अग्रवाल उस समय स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग के प्रधान सचिव (Principal Secretary) थे, जब हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) के बैंक खाते IDFC First Bank की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में खोले गए थे।

जांच में सामने आया है कि ये खाते हरियाणा वित्त विभाग के प्रचलित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करके खोले गए थे और बाद में इनमें निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी धनराशि जमा की गई। सीबीआई का आरोप है कि इन खातों के माध्यम से धोखाधड़ीपूर्ण लेन-देन कर लगभग 60.54 करोड़ रुपये का सरकारी धन गबन किया गया, जिससे राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ कई आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। 504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का हिस्सा

यह मामला सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा में सामने आए एक बड़े वित्तीय घोटाले का हिस्सा है। जांच एजेंसी के अनुसार, हरियाणा सरकार के आठ विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये कथित रूप से फर्जी कंपनियों (शेल एंटिटीज) के माध्यम से निकालकर दूसरी जगह भेजे गए।

अब तक सीबीआई इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें इन सब शामिल हैं:

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और AU Small Finance Bank के 6 बैंक अधिकारी

हरियाणा सरकार के 3 लोक सेवक

2 कंपनियां

6 निजी व्यक्ति

आर.के. सिंह पहले ही गिरफ्तार इस मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर के सिंह को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन पंचकूला से जुड़े धन गबन मामले में आरोप हैं। उनकी पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

चंडीगढ़ के अन्य मामलों की भी जांच

सीबीआई ने चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है:

चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड / नगर निगम चंडीगढ़ मामला

क्रेस्ट चंडीगढ़ मामला

इन दोनों मामलों में भी CBI चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। CSCL मामले में 5 बैंक अधिकारियों, 1 CSCL अधिकारी और 1 निजी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है, जबकि CREST मामले में 5 बैंक अधिकारी, 2 CREST अधिकारी, 4 निजी व्यक्ति और 2 कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है। CREST मामले में एक वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।

सीबीआई ने कहा है कि वह इस पूरे मामले में शामिल सभी दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने और गबन की गई सार्वजनिक धनराशि का पूरा पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।


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