May 9, 2026

Jalandhar Breeze

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सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और एनसीआरबी रिपोर्ट ने भगवंत मान सरकार की नशा विरोधी नीति की हकीकत बेनकाब की : परमजीत सिंह कैंथ

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जालंधर ब्रीज: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट में पंजाब को ड्रग ओवरडोज़ से होने वाली मौतों के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर दिखाए जाने तथा पंजाब में बढ़ते नशे के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई गंभीर टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है।

कैंथ ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार नशे के खिलाफ बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में 89 मौतों की तुलना में वर्ष 2024 में 106 लोगों की ड्रग ओवरडोज़ से मौत होना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य में नशा माफिया अब भी सक्रिय है और सरकार स्थिति पर नियंत्रण पाने में असफल रही है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की संख्या और ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में देश में सबसे ऊपर होना अत्यंत चिंताजनक है। यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि युवाओं, विशेषकर गरीब और दलित वर्ग के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

भाजपा नेता परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह टिप्पणी कि “छोटे स्तर के नशा बेचने वालों को पकड़कर प्रचार किया जा रहा है, जबकि बड़े नशा तस्कर बच रहे हैं”, पंजाब के लोगों की लंबे समय से चली आ रही चिंता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी पंजाब सरकार की नशा विरोधी नीति की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।

उन्होंने कहा कि कपूरथला की उस मां की दर्दनाक घटना, जिसने अपने पांचों बेटों को नशे के कारण खो दिया, पंजाब के सामाजिक ढांचे के लिए बड़ी चेतावनी है। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पंजाब के हजारों परिवारों के दर्द का प्रतीक है।

कैंथ ने आरोप लगाया कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की कमजोर नीतियों और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण पंजाब का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहा है। गांवों और शहरों में नशे का जाल लगातार फैल रहा है, जबकि पुनर्वास और रोकथाम के लिए प्रभावी ढांचा अब भी कमजोर है।


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