जालंधर ब्रीज: आज दिनांक 26 नवंबर 2025, को उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में स्थित नव निर्मित चिनाब और अंजी खड्ड रेल पुलों का क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्श समिति (ZRUCC) के सदस्यों द्वारा अध्ययन दौरा किया गया। इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य रेलवे अवसंरचना के निमार्ण में तकनीकी नवाचार और भारतीय रेलवे के विकास को देखना तथा इन पुलों के निमार्ण की जटिलताओं को समझने पर केन्द्रित था । इस अध्ययन दौरे के दौरान ZRUCC सदस्यों के साथ उत्तर रेलवे के अतिरिक्त महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक (सामान्य) मंडल रेल प्रबंधक, श्री विवेक कुमार व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल व मंडल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अगर चिनाब और अंजी खड्ड रेल पुल की विशेषताओं की बात करें, तो यह दोनों पुल उधमपुर – श्रीनगर – बारामूला रेल लिंक परियोजना (USBRL) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जो अपने आप में एक इंजीनियरिंग का अदभुत नमूना हैं। इन पुलों की खुबी को देखे, तो सबसे पहले चिनाब पुल, यह पुल चिनाब नदी पर बनाया गया हैं, जो पेरिस के एफिल टावर से 35 मीटर से अधिक हैं। इस पुल को सुरक्षा के लिहाज से देखें, तो 8 तीव्रता के भुकंप के झटके और 266 कि भी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का सामना करने में भी सक्षम हैं। दुसरे क्रम में अंजी खड्ड रेल पुल की बात करें, तो यह भारत का पहला केबल स्टेड रेल पुल हैं। जो चुनौतीपूर्ण भूभाग पर बना है। इसकी ऊंचाई लगभग 331 मीटर हैं। जो एक बहेतर कनेक्टीविटी को सुनिश्चित करता हैं।
यह अध्ययन दौरा ZRUCC के सदस्यों को इन महत्वकांक्षी परियोजना को करीब से देखने और रेलवे के सामने आने वाली तकनीकी और परिचालन चुनोतियों को समक्षने का अवसर प्रदान करेगा।
यह अध्ययन दौरा रेलवे के बुनियादी ढांचे को को बेहतर बनाने और रेलवे उपयोगकर्ताओं की जरूरत को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इस दौरे से प्राप्त जानकारी का उपयोग भविष्य की परियोजनाओं को और अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से योजना बनाने में किया जाएगा।

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