जालंधर ब्रीज: राज्यभर में आम आदमी क्लीनिकों की उल्लेखनीय सफलता के बाद, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अब केंद्रीय जेलों में आम आदमी क्लीनिक खोलने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है, ताकि कैदियों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सहित व्यापक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इस नई पहल के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि शारीरिक बीमारियों के उपचार के साथ-साथ कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है।
जेलों को “सुधार गृह” बताते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सच्चे न्याय का अर्थ व्यक्तियों में सुधार लाना है। उन्होंने कहा, “जब कोई कैदी जेल से बाहर निकलता है, तो उसे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। यह समग्र सुधार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि कैदियों को आवश्यक परामर्श (काउंसलिंग) प्रदान करने के लिए जेलों में स्थापित किए जाने वाले आम आदमी क्लीनिकों में मनोवैज्ञानिक और मनोरोग विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य में पहले से संचालित 881 आम आदमी क्लीनिकों की सफलता को देखते हुए अब इनका विस्तार सुधार गृहों तक किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त 2022 को शुरुआत के बाद से अब तक इन क्लीनिकों ने 4.20 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया है और यहां 2.29 करोड़ से अधिक जांच परीक्षण निःशुल्क किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये क्लीनिक 107 प्रकार की दवाइयां और 47 प्रकार के स्वास्थ्य जांच परीक्षण — जिनमें गर्भावस्था, हेपेटाइटिस सी, एचआईवी/एड्स और डेंगू के लिए विशेष परीक्षण शामिल हैं — निःशुल्क उपलब्ध कराते हुए सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।

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